
राष्ट्र पटल संवाद
इटावा। विकास परिषद इटावा तुलसी द्वारा पानकुंवर इण्टरनेशनल स्कूल में गोस्वामी तुलसीदास जी की जयन्ती के अवसर पर उनके द्वारा रचित साहित्य पर चर्चा परिचर्चा करते हुए एक गोष्ठी का आयोजन डॉ कैलाश चन्द्र यादव की अध्यक्षता में किया गया।
इस गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए मुख्य वक्ता नीलिमा चौधरी ने कहा कि महाकवि गोस्वामी तुलसीदास जी कोई समाज सुधारक अथवा राम कथा के प्रचारक नहीं थे बल्कि वे राम के अनन्य भक्त थे। राम गुणगान उन्हें सुख प्रदान करता था उन्होंने स्वयं लिखा है कि “स्वान्तः सुखाय रघुनाथ गाथा”। परन्तु उनका व्यक्तिगत सुख समाज के लिए कितना उपयोगी हो गया ये सभी जानते हैं। *संस्कार देने वाला, रोजगार देने वाला और समाज को जीवन जीने की एक सरल नियमावली बन गया*।
आज उनकी जयन्ती मनाते हुए हमें यही संकल्प लेना चाहिए कि हम जीवन में ऐसा शौक पालें जो हमें भी सुखी करे और समाज को भी लाभान्वित करे।
वरिष्ठ सदस्य प्रीतम खन्ना ने कहा कि यदि विद्यार्थी रामचरित मानस की कम से कम पाँच चौपाई ही प्रतिदिन पढ़ने की आदत बना ले तो उन्हें जीवन में किसी प्रकार की कोई कठिनाई उत्पन्न ही नहीं होगी।
अध्यक्ष डॉ कैलाश चन्द्र यादव ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि सुबह उठकर जो बच्चे ईश्वर, माता पिता और गुरु के सामने शीश झुका कर उनका आशीष लेते है वह जीवन में कभी दुखी नहीं रहते रामचरित मानस हमें जीवन जीने की राह सिखाती है। आज के युवा बेरोजगार होने की बात करते है यदि गोस्वामी तुलसीदास जी के द्वारा रचित साहित्य को ही कोई मन से पढ़ ले और कही भी उसकी व्याख्या करने को बैठ जाए तो उसे उनका साहित्य जीवन में वो उपलब्धि दिला सकता है जो किसी रोजगार से कम उपयोगी सिद्ध नहीं होगा।
इस गोष्ठी में उपस्थित अन्य वक्ताओं ने भी तुलसी साहित्य से जुड़े अपने – अपने विचार रखे।
शाखा सचिव डॉ ध्रुव कुमार गुप्ता ने गोष्ठी उपरान्त सभी का आभार व्यक्त किया।
इस गोष्ठी को सफलतापूर्वक आयोजित किए जाने में डॉ कैलाश चन्द्र यादव, डॉ ध्रुव कुमार गुप्ता, योग गुरु विश्वबन्धु जी, प्रीतम खन्ना, शशि दीक्षित, नीलिमा चौधरी, मंजू सिंह, अंजू चौधरी एवं पंकज कुमार सिंह चौहान सहित तुलसी शाखा के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।






