अकमल खान
रायबरेली (राष्ट्र पटल)। जिले के बहुचर्चित पंकज सिंह हत्याकांड में करीब 10 साल तक चले मुकदमे के बाद अदालत ने अहम फैसला सुनाया। अपर जिला जज (द्वितीय) प्रतिमा तिवारी की अदालत ने नामजद पांचों अभियुक्तों—मुकुट सिंह, अभय, अंकित फास्टर, धनंजय और अजय को बरी कर दिया।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष साक्ष्यों के आधार पर कथानक को साबित करने में विफल रहा, इसी वजह से सभी आरोपियों को संदेह का लाभ दिया गया। बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता अमिताभ त्रिपाठी और सर्वेंद्र सिंह ‘बन्ना’ ने प्रभावी दलीलें पेश कीं, जिन पर विचार के बाद यह निर्णय आया।
क्या था मामला?
मिल एरिया थाना क्षेत्र के लालूपुर चौहान गांव निवासी एवं बीडीसी सदस्य पंकज सिंह की 25 जनवरी 2016 को हत्या कर दी गई थी। वह गायत्री देवी मंदिर के पास एक शादी समारोह में शामिल होने पहुंचे थे, तभी उन पर अंधाधुंध फायरिंग हुई। गंभीर रूप से घायल पंकज सिंह की अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो गई थी।
मृतक के भाई नीरज सिंह की तहरीर पर अभय सिंह उर्फ अंकित सिंह, मुकुट सिंह, धनंजय सिंह उर्फ धुनाड़ी, अजय प्रताप सिंह उर्फ डब्लू सिंह, फास्टर उर्फ अंकित सिंह और बबलू के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
जांच के दौरान सामने आया कि पंकज सिंह को 17 गोलियां मारी गई थीं, जिनमें से 13 गोलियां सीने में लगी थीं, जबकि हाथ-पैर में भी चोटें आई थीं। लंबी सुनवाई के बाद आए इस फैसले ने जिले में एक बार फिर इस सनसनीखेज हत्याकांड को चर्चा में ला दिया है।
नागरिकों का कहना है कि इतने बड़े हत्याकांड में आरोपियों का बरी हो जाना कहीं ना कहीं प्रशासन की एक बड़ी नाकामी है। जो वारदात से संबंधित साक्ष्यों को जताने में नाकाम रहा है। इसी का लाभ उठाते हुए सभी आरोपी दोष मुक्त कर दिए गए।






