अनवर पठान
फर्रुखाबाद (राष्ट्र पटल)। फर्रुखाबाद जिले के छोटे से गांव मौधा की रहने वाली चेल्सी सिंह ने साबित कर दिया है कि अगर हौसले बुलंद हों, तो संसाधन मायने नहीं रखते। चेल्सी ने लद्दाख के लेह स्थित एनडीएस स्टेडियम में आयोजित ‘खेलो इंडिया विंटर गेम्स’ में फिगर स्केटिंग (एडवांस गर्ल्स शॉर्ट प्रोग्राम) में कांस्य पदक (Bronze Medal) जीता है।

चुनौतियां: यूपी में बर्फ नहीं, लद्दाख में हाड़ कंपाने वाली ठंड चेल्सी की यह जीत इसलिए खास है क्योंकि वे उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करती हैं, जहां आइस स्केटिंग के लिए न तो प्राकृतिक वातावरण है और न ही कोई स्थायी इंफ्रास्ट्रक्चर। इसके बावजूद उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर खुद को साबित किया। प्रतियोगिता के दौरान लेह का तापमान माइनस 20 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया था। इतनी ठंड में कई खिलाड़ियों की तबीयत बिगड़ गई थी, लेकिन चेल्सी ने विपरीत परिस्थितियों में भी अपना धैर्य बनाए रखा और जीत हासिल की।

पढ़ाई और खेल में जबरदस्त संतुलन खेल के साथ-साथ चेल्सी पढ़ाई में भी होनहार हैं।

स्कूली शिक्षा: केंद्रीय विद्यालय, फरीदाबाद।

वर्तमान पढ़ाई: वे गौतम बुद्ध यूनिवर्सिटी (ग्रेटर नोएडा) से बीटेक (कंप्यूटर साइंस) कर रही हैं।

ट्रेनिंग: अपनी पढ़ाई के साथ-साथ वे गुरुग्राम में प्रोफेशनल फिगर स्केटिंग की कोचिंग ले रही हैं।

उपलब्धियों का लंबा सफर यह चेल्सी का पहला बड़ा मेडल नहीं है:

खेलो इंडिया 2023: इसमें उन्होंने सिल्वर मेडल जीता था।

अंतरराष्ट्रीय स्तर: वे थाईलैंड में आयोजित ‘साउथ ईस्ट एशियन फिगर स्केटिंग चैंपियनशिप’ में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।

छोटी बहन भी है चैंपियन: खेलों का हब बना परिवार चेल्सी के पिता अनिल कुमार सिंह (प्राइवेट सेक्टर कर्मी) और माता ममता सिंह ने अपनी बेटियों के सपनों को पूरा करने के लिए कड़ा संघर्ष किया है। चेल्सी की छोटी बहन, जिया सिंह भी एक बेहतरीन खिलाड़ी हैं:

वे शॉर्ट ट्रैक आइस स्पीड स्केटिंग में नेशनल चैंपियन हैं।

जिया ने फिलीपींस में ट्रेनिंग ली है और सिंगापुर में आयोजित साउथ ईस्ट एशियन चैंपियनशिप में हिस्सा ले चुकी हैं।

चेल्सी और जिया की उपलब्धियां न सिर्फ फर्रुखाबाद बल्कि पूरे प्रदेश की बेटियों के लिए एक मिसाल बन गई हैं।

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