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राष्ट्र पटल संवाद
इटावा। सातवें इमाम मूसा काज़िम की शहादत और मोहसिन ए इस्लाम हज़रत अबू तालिब की शबे वफ़ात पर सफीर हैदर की ओर से पक्की सराये स्थित बड़े इमामबाड़े में मजलिस का आयोजन किया गया।
मजलिस में तक़रीर करते हुए मौलाना अनवारुल हसन जैदी इमामे जुमा इटावा ने कहा अल्लाह एहसान करने वालों को पसंद करता है। इमाम फरमाते हैं इंसान अपने को गुस्से से रोके क्योंकि गुस्से का अंत शर्मिंदगी से होता है। गुस्सा हर बुराई की चाबी है। गुस्सा ईमान को खराब करता है। इंसान को गुस्से से परहेज कर सब्र का दामन थामे। जनाबे अबू तालिब ने दीन पर बहुत अहसान किये और अपने भतीजे रसूल अल्लाह की अपनी जिंदगी की आखरी सांस तक परवरिश की। अल्लाह ने इसके बदले जनाबे अबू तालिब की नस्ल को इमाम मेंहदी की शक्ल में कयामत तक कायम रखा। सच बोलना, जुल्म न करना, जिंदगी गुजारने में फिजूल खर्व न करना, रसूल की हिफाजत करना जनाबे अबू तालिब की वसीयत है। श्री जैदी ने कहा सातवें इमाम मूसा काज़िम को जालिम बादशाह ने चैन से रहने नही दिया और मस्जिद से नमाज पढ़ने के दौरान इमाम को कैद करवाकर बगदाद बुला लिया। इमाम को 14 साल तक कैदखाने में रखकर बेपनाह जुल्म ढाए गए उसके बाद इमाम को जहर देकर शहीद कर दिया गया। मजलिस में सफीर हैदर, ज़हूर नक़वी ने सोजख्वानी की, सलीम रजा, तनवीर हसन, अश्शू रिजवी ने मौला की शान में कलाम पेश किए, तनवीर हसन ने।नोहा ख्वानी की। मजलिस में अल्हाज कमर अब्बास नक़वी करबलाई, राहत अक़ील, समर अब्बास, शावेज़ नक़वी, मो. मियां, मो. अब्बास, हसन अब्बास, अयाज हुसैन, नजमुल हसन, राहत हुसैन रिज़वी, परवेज हसनैन, अख्तर अब्बास रिजवी, दबीरुल हसन, मो. अहमद, तस्वीर हैदर, मुशीर हैदर, शादाब हसन, शारिक सग़ीर शानू, आतिफ एड., शौजब रिज़वी, सोनू नक़वी, मोनू, शब्बर अक़ील, जीशान हैदर, अमीर हैदर, राशिद, शहजादे, समर सग़ीर, ताबिश रिज़वी, राहिल सग़ीर, अदनान, पिंकू, सैफू, हसन जाफरी, आरिफ रिज़वी, शारिब नक़वी सहित बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया।

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