
एम0ए0 खान
रायबरेली (राष्ट्र पटल)। जिले की चिकित्सा इकाइयों में लंबे समय से चली आ रही टूटी बाउंड्री और आवारा पशुओं के प्रवेश की समस्या को लेकर अब स्वास्थ्य महकमा सक्रिय हो गया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इस दिशा में ठोस कदम उठाते हुए सभी सरकारी चिकित्सा केंद्रों, सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में नोडल अधिकारियों को नामित करने का निर्देश दिया है।
जारी निर्देशों के अनुसार नोडल अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र की चिकित्सा इकाइयों में बाउंड्री वॉल, गेट और सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करेंगे। जहां बाउंड्री क्षतिग्रस्त है या आवारा पशुओं का प्रवेश हो रहा है, वहां तत्काल रोकथाम, मरम्मत और आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित कराए जाएंगे।
बता दें कि चिकित्सा परिसरों में आवारा पशुओं की मौजूदगी से मरीजों, तीमारदारों और स्वास्थ्य कर्मियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है, साथ ही स्वच्छता और सुरक्षा पर भी असर पड़ता है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद स्वास्थ्य विभाग ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए जवाबदेही तय करने की तैयारी शुरू कर दी है।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि नोडल अधिकारियों के नामित होने से अव्यवस्था पर लगाम लगेगी और जवाबदेही तय कर कार्रवाई की जाएगी, ताकि जिले की सभी चिकित्सा इकाइयों में सुरक्षित और सुव्यवस्थित वातावरण सुनिश्चित किया जा सके। नामित अधिकारियों का विवरण चिकित्सा केंद्रों पर भी प्रदर्शित किया जाएगा।






