
राष्ट्र पटल संवाद
फर्रुखाबाद। जिले में लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित ‘सड़क सुरक्षा समिति’ की बैठक में जिले के डरावने आंकड़े सामने आए। बैठक की अध्यक्षता करते हुए सांसद मुकेश राजपूत ने नेशनल हाईवे को जल्द से जल्द दुरुस्त करने के निर्देश दिए और ओवरस्पीडिंग रोकने के लिए नए ‘इंटरसेप्टर वाहन’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। एआरटीओ-प्रवर्तन सुभाष राजपूत द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर 2025 तक जिले में सड़क सुरक्षा की स्थिति चिंताजनक रही है। पिछले एक साल में दुर्घटनाओं और मौतों की संख्या में भारी वृद्धि देखी गई है।
कुल दुर्घटनाएं: वर्ष 2025 में 490 हादसे हुए, जो 2024 (390 हादसे) के मुकाबले 25.64% ज्यादा हैं।मृतकों की संख्या: इस साल 284 लोगों ने अपनी जान गंवाई, जबकि पिछले साल यह संख्या 213 थी। मौतों के मामले में 33.33% की वृद्धि हुई है।
घायलों की संख्या: साल भर में कुल 379 लोग घायल हुए।दोपहिया वाहन और ‘हिट एंड रन’ सबसे बड़ी चुनौती ।रिपोर्ट के मुताबिक, कुल सड़क हादसों में 64 प्रतिशत हिस्सेदारी दोपहिया वाहनों की रही।
314 हादसों में दोपहिया वाहन शामिल थे, जिनमें 177 सवारों की मृत्यु हुई।87 हादसे ऐसे थे जिनमें दोनों तरफ से दोपहिया वाहन ही टकराए थे।हिट एंड रन: जिले में हिट एंड रन के मामलों में भी इजाफा हुआ है। इस साल 109 मामले दर्ज किए गए, जिनमें 89 लोगों की मौत हो गई।प्रशासन सख्त, नेशनल हाईवे को सुधारने के निर्देशसांसद मुकेश राजपूत ने बैठक में स्पष्ट किया कि सड़कों की खराब स्थिति और तेज रफ्तार हादसों की मुख्य वजह है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नेशनल हाईवे की कमियों को अतिशीघ्र दूर करने का आदेश दिया। इसी के साथ अब सड़क पर दौड़ने वाला इंटरसेप्टर वाहन तेज रफ्तार गाड़ियों की निगरानी करेगा ताकि दुर्घटनाओं को कम किया जा सके।






