
एम0ए0 खान
रायबरेली (राष्ट्र पटल)। मोटरसाइकिल चोरी के आरोप में जिला कारागार में निरुद्ध एक बंदी की शुक्रवार को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। जिसे लेकर परिजनों ने जेल प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की गई है। जानकारी के अनुसार मृतक उमाशंकर निवासी अहमदपुर थाना गुरुबक्शगंज को शहर कोतवाली पुलिस ने चोरी के आरोप में दिसम्बर 2025 में जेल भेजा था। परिजनों के अनुसार आज शुक्रवार को जमानत पर उसकी रिहाई होनी थी। लेकिन इससे पूर्व रात करीब 4:00 बजे उन्हें जिला कारागार से उमाशंकर के बीमार होने की सूचना दी गई। जिला अस्पताल पहुंचने पर परिजनों को उमाशंकर मृत अवस्था में मिले। परिजनों के अनुसार जिला अस्पताल पहुंचने से पहले ही उमाशंकर की मौत हो चुकी थी। तत्कालीन शहर कोतवाल राजेश सिंह पर भी मृतक के परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उमाशंकर पर जनवरी 2025 में पहला मुकदमा दर्ज हुआ था। जिसमें जमानत भी हो चुकी है। लेकिन पुलिस ने सिर्फ एक मुकदमे के आधार पर मृतक पर एक फर्जी गैंग के सदस्य का आरोप लगाते हुए उस पर गैंगस्टर एक्ट लगाया गया था। जबकि ऐसे किसी गिरोह से मृतक का दूर-दूर तक कोई वास्ता नहीं था। दिसंबर 2025 में पुलिस द्वारा उसे जेल भेजने के बाद परिजन विधिक रूप से रिहाई के लिए प्रयासरत थे। इसी बीच अचानक मौत की खबर से परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।






