
इकबाल मेमोरियल पब्लिक स्कूल में हुआ नातिया मुशायरा
राष्ट्र पटल संवाद
इटावा। इकबाल मेमोरियल एजूकेशनल सोसायटी के तत्वावधान मे साबित गंज स्थित इकबाल मेमोरियल पब्लिक स्कूल में मंजर मियां चिश्ती आस्ताना आलिया समदिया दारुल खेर फांफूद शरीफ की अध्यक्षता व रौनक इटावी के संचालन में नातिया मुशायरे का आयोजन किया गया।
मुशायरे के संयोजक मो. इनाम उल्ला बब्लू, नदीम अहमद बरकाती व मो. फैसल चिश्ती ने मंजर मियां चिश्ती आस्ताना आलिया समदिया दारुल खेर फांफूद शरीफ, मौलाना फुरकान रजा सहित शायरों का गर्मजोशी से स्वागत किया। नातिया मुशायरे में मन्जर मियां चिश्ती फफूंद शरीफ ने कहा ख़ार-ए-तैबा है मेरे पास, है खून-ए-दिल भी नात लिखने के लिए लोहे ए जिगर रखता हूं। खालिस चिश्ती फफूंद शरीफ ने कहा चाहता जब हूं ज़ियारत मुझे हो जाती है दीद-ए-तैबा के लिए दीदा-ए-तर रखता हूं। हुसैनी चिश्ती फफूंद शरीफ ने कहा महफ़िल-ए-नात में ले जाता हूँ मिदहत के गुलाब ग़म को उलझन को परेशानी को घर रखता हूं। रिज़वान चिश्ती वसई महाराष्ट्र ने कहा उन के कदमों में जबीं जान व जिगर रखता हूं मैं भी जिब्रील की सुन्नत पे नज़र रखता हूं। समर चिश्ती कानपुर ने कहा साज़ व सामान न तौशा है न घर रखता हूं फिर भी सब कुछ है वो दामान अगर रखता हूं। नदीम अहमद बरकाती ने कहा न अगर रखता हूं कोई न मगर रखता हूं, उनके नामूस पे कट जाए वो सर रखता हूं। इंतिखाब आलम रौनक ने कहा रन में जाते हुए बोले हुसैन इब्ने अली, जुल्म के साये में जीने का हुनर रखता हूं। इसके अलावा शायर साबिर इटावी, सलीम वारसी, सैयद हाशिम नईमी, सूफी अब्दुल सत्तार कमर, रईस बरकाती, आरिफ सिद्दीकी नूर, यासीन अंसारी, शकील सागर, रियाज़ कलबारी, आमिर हुसैन ने भी बेहतरीन कलाम पेश किए। नातिया मुशायरे की कामयाबी में संयोजक मो. इनाम उल्ला बब्लू, नदीम अहमद बरकाती व मो. फैसल चिश्ती सहित कमेटी के सदस्य साबिर हुसैन, नईम अशरफ, मो. सलमान, मो. शाहिद, साद उल्ला, नोमान अहमद खां, मो. फैसल, मो. नईम का सराहनीय योगदान रहा।






