
कुल शरीफ के साथ हुआ उर्स का समापन
राष्ट्र पटल संवाद
इटावा। विगत वर्षों की भांति इस वर्ष मोतीझील वाले सैयद बाबा का 22वां सालाना उर्स मुबारक बड़े ही उत्साह और शानोशौकत के साथ आयोजित किया गया। उर्स का समापन कुल शरीफ के साथ हुआ। उर्स में देश में अमनचौन की दुआ हुई।
उर्स के आयोजक अरशद मंसूर व ज़फर मंसूर के नेतृत्व में उर्स के पहले दिन बाद नमाजे जोहर कुरान ख्वानी हुई, बाद नमाज ईशा श्रद्धालुओं ने दरगाह पर चादर व गामर पेश कीं। उसके बाद महफिल ए समा (कवाली) का आयोजन हुआ जिसमें इकराम पेन्टर वारसी कव्वाल फीरोजाबाद कलाम पेश करते हुए कहा कि गुम्बदे खिजरा का मंजर देख ले ये आफताब वो करम कर दें अगर ये मुस्तफा की बात है। मेरा आका मेरा मौला बड़ी शान वाला है गिलाफे काबा के मानिंद है शानों पर वो कमली। उर्स के दूसरे दिन सुबह महफिल ए रंग का आयोजन हुआ उसके बाद दोपहर एक बजे हजरत मोतीझील वाले सैयद बाबा का कुल शरीफ हुआ जिसमे बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं में भाग लिया। हाफिज फैजान अहमद चिश्ती ने कुल शरीफ में फातिहा की। अंत मे उर्स के आयोजक अरशद मंसूर व ज़फर मंसूर ने श्रद्धालुओं को तबर्रुक (प्रसाद) वितरित किया।आयोजक अरशद मंसूर व ज़फर मंसूर सहित अज़हर,मज़हर,ज़ारयाब अहमद,शाहज़मन,अरशद, अब्दुल्लाह ज़फर, आजम अली ने उर्स में सहयोग के लिए शहर के लोगों सहित जिला प्रशासन का आभार जताया।उर्स में हाफिज मोहम्मद अहमद,हाफिज राशिद, खादिम अब्बास,शावेज़ नक़वी,इरशाद अहमद,राशिद अली आदि उपस्थित रहे।






