
राष्ट्र पटल संवाद
इटावा। भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर बुद्ध बिहार समिति, सिविल लाइन इटावा के तत्वावधान में डॉ. अंबेडकर बुद्ध बिहार परिसर में भारत की प्रथम महिला शिक्षिका एवं नारी मुक्ति की महान प्रतीक माता सावित्रीबाई फुले की जयंती के अवसर पर उद्बोधन एवं जागरूकता कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में जिले के प्रबुद्ध बुद्धिजीवी, सामाजिक कार्यकर्ता, अधिवक्ता, माताएँ, बहनें एवं बच्चे बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। वक्ताओं ने माता सावित्रीबाई फुले के अद्वितीय त्याग, संघर्ष एवं शिक्षा के माध्यम से किए गए सामाजिक सुधार कार्यों पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि जिला मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. बी.के. सिंह ने माता सावित्रीबाई फुले के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके विचारों को आज के समय में अत्यंत प्रासंगिक बताया।
इस अवसर पर उपस्थित एडवोकेट संदीप कुमार भारतीय ने अपने संबोधन में कहा कि माता सावित्रीबाई फुले के जीवन संघर्ष को शिक्षा पाठ्यक्रम में शामिल किया जाना चाहिए, जिससे आने वाली पीढ़ी उनके विचारों से प्रेरणा ले सके।
कार्यक्रम में भंते बुद्ध रत्न, भंते उत्तमानंद, भंते रतनदीप सहित अनेक भंते गणों की गरिमामयी उपस्थिति रही। साथ ही बुद्ध बिहार समिति के अध्यक्ष मास्टर अमर पाल सिंह, उपाध्यक्ष एवं कार्यक्रम संचालक कैलाश बौद्ध, रामनरेश आजाद, प्रेम कुमार शाक्य, मदन लाल, बदन सिंह बौद्ध, अशोक भाष्कर, वीरेंद्र भाष्कर, वी.पी. सिंह, नेत्रपाल बौद्ध, दीपक राज, शीलू दोहरे, रविन्द्र गौतम, अखिलेश गौतम, एडवोकेट मीनू चौधरी, हकीम सिंह, एस.सी. बॉस, वीर बहादुर, एडवोकेट हरविलास सिंह, शीलम गौतम, कुसमा बौद्ध, सुमन बौद्ध, प्रवेश गोयल, रूपा बौद्ध, होम सिंह कठेरिया, राजीव गोयल बंटी, डॉ. ए.के. सिंह, देवेंद्र सिंह, सतीश निगम सहित गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम शांतिपूर्ण, प्रेरणादायी एवं पूर्णतः सफल रहा तथा अंत में माता सावित्रीबाई फुले के विचारों को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प लिया गया।






