
नीरज जी की लगवायी जायेगी प्रतिमा
राष्ट्र पटल संवाद
इकदिल (इटावा)। पदम् श्री गोपाल दास नीरज जी के जन्मदिन पर एक विचार गोष्ठी एवं काव्य गोष्ठी का आयोजन रविवार को नगर पंचायत सभागार इकदिल में किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप उपस्थित नगर पंचायत इकदिल की अध्यक्ष साधना दोहरे व रणधीश सिंह पिंकू गोयल सहित सभी काव्य प्रेमियों ने नीरज के चित्र पर माल्यार्पण करके पुष्प अर्पित किये। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ कवि प्रेम नारायण त्रिपाठी पीएनटी ने की तथा संचालन समाजसेवी डॉ.सुशील सम्राट ने किया। इस मौके पर उपस्थित सभी लोगों ने एक स्वर में कहा कि इकदिल नगर में जन सहयोग से नीरज की प्रतिमा स्थापित की जायेगी। सर्व प्रथम कवियत्री प्रतीक्षा चौधरी ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की- संस्कार, सेवा, समर्पण के भाव मात मन में वसा दो आज देवी मात शारदे। अध्यक्षता कर प्रेम नारायण त्रिपाठी पीएनटी ने नीरज जी साथ बिताए हुए पलों को साझा करते हुए उनके जीवन पर प्रकाश डाला। कुलदीप दुबे ने रचना पढ़ी- लौट आओ अविलंब विचारों की मलिका तुम कहाँ गयी, यह कसम तुम्हें उस साजन की यह प्यार निमंत्रण देता है। प्रतीक्षा चौधरी ने रचना में कहा- तुम वही जिसने स्वयं को संभाला तुम सुबह की वह किरण जो दे उजाला। देवेंद्र गुप्ता ने कहा कि चले चलाये रास्ते पे तो सब चलते है पथ अपना स्वयं बनाये रवानी उसको कहते हैं। कृष्ण आधुनिक ने अपनी रचना में कहा कि सोचता हूं उनसे मिलूं तो कहूं जब तक जीवित रहूं उन्हें देखता रहूँ। सुघर सिंह राजपूत ने भी अपने विचार रखे और कहा कि इकदिल ही नही राष्ट्रीय स्तर पर नीरज जो जाना जाता है यह हम सब के लिए गौरव की बात है।
इस मौके पर हरदीप सक्सेना, शिक्षक भानु प्रकाश अवस्थी, रविशंकर चौधरी, सभासद फिरोज खां, मु.नदीम, चिराग राजपूत, बजरंगी, अवनीश राजपूत, अभिषेक सक्सेना आदि काव्य प्रेमी उपस्थित रहे l अंत में संयोजक डॉ.सुशील सम्राट ने सभी का आभार व्यक्त किया।







