एम0ए0 खान

रायबरेली ( राष्ट्र पटल)। मकर संक्रांति का पर्व नजदीक आते ही आसमान में पतंगों की रंगीन उड़ान शुरू हो चुकी है, लेकिन इसके साथ ही एक बार फिर जानलेवा चाइनीज मांझा लोगों की जिंदगी पर खतरा बनकर मंडराने लगा है। प्रतिबंध के बावजूद जिले में चाइनीज मांझा धड़ल्ले से बिक रहा है और पुलिस की कार्रवाई फिलहाल प्रतीकात्मक नजर आ रही है।

शनिवार को ऊंचाहार थाना क्षेत्र में पुलिस ने चाइनीज मांझा बेचने के आरोप में दो विक्रेताओं को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में सागर निवासी गायत्री नगर और प्रिन्स निवासी ऊंचाहार कस्बा शामिल हैं। पुलिस के अनुसार दोनों के पास से प्रतिबंधित चाइनीज मांझा बरामद किया गया है। हालांकि इस कार्रवाई के बाद भी जिले में चाइनीज मांझा की खुलेआम बिक्री पर कोई खास असर दिखाई नहीं दे रहा है।

 

हर साल मकर संक्रांति के आसपास चाइनीज मांझा राहगीरों के लिए काल बनकर सामने आता है। बाइक सवारों, साइकिल चालकों और पैदल चलने वालों की गर्दनें कटने की घटनाएं आम हो चुकी हैं। उत्तर प्रदेश में ही अब तक दर्जनों लोग इस जानलेवा मांझे की चपेट में आकर अपनी जान गंवा चुके हैं। इसके बावजूद न तो विक्रेता बाज आ रहे हैं और न ही प्रशासन की कार्रवाई उस स्तर की दिखाई दे रही है, जिससे इस पर पूरी तरह रोक लग सके।

अगर शहर रायबरेली की बात करें तो हालात और भी चिंताजनक हैं। सब्जी मंडी, कहारों का अड्डा, ताड़ तल्ला जैसे इलाकों में चाइनीज मांझा थोक और फुटकर दोनों स्तरों पर बिकने की चर्चा आम है। इसी तरह आसपास के कस्बों और ग्रामीण इलाकों में भी प्रतिबंधित मांझा आसानी से उपलब्ध हो रहा है।

जनमानस का कहना है कि अब सिर्फ दिखावटी गिरफ्तारी नहीं, बल्कि एक बड़े और सख्त अभियान की जरूरत है। थोक विक्रेताओं, गोदामों और सप्लाई चैन पर सीधी कार्रवाई किए बिना इस ‘मौत के मांझे’ से लोगों को निजात नहीं मिल सकती।

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