
एम0ए0 खान
रायबरेली (राष्ट्र पटल)। केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा कानून में किए गए संशोधन के विरोध में कांग्रेस पार्टी ने जिले में ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ की शुरुआत कर दी है। रविवार को कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने शहर के हाथी पार्क स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर प्रतिमा के पास धरना प्रदर्शन करते हुए एक दिवसीय उपवास किया।
धरने को संबोधित करते हुए कांग्रेस के शहर अध्यक्ष धीरज श्रीवास्तव ने कहा कि मनरेगा देश के करोड़ों गरीब परिवारों की रोजी-रोटी का आधार है, लेकिन केंद्र सरकार ने जानबूझकर इस कानून को कमजोर करने का काम किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि संशोधन के जरिए रोजगार की गारंटी को कमजोर किया गया है और केंद्र सरकार ने अपने वित्तीय दायित्व से हाथ पीछे खींचते हुए योजना का बोझ राज्यों पर डाल दिया है।
धीरज श्रीवास्तव ने कहा कि यह संघर्ष जननायक राहुल गांधी के नेतृत्व में लड़ा जा रहा है और कांग्रेस इस लड़ाई को जीतकर दिखाएगी। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के नाम से जुड़ी योजना का नाम बदलकर सरकार ने अपनी मंशा स्पष्ट कर दी है। भाजपा की सरकार गांधी जी के विचारों और उनके सिद्धांतों के विरुद्ध कार्य कर रही है और गरीब, मजदूर व किसान वर्ग के अधिकारों पर लगातार प्रहार कर रही है।
कार्यक्रम में मौजूद वरिष्ठ कांग्रेस नेता विजय शंकर अग्निहोत्री, निर्मला शुक्ला, सईदुल हसन, नौशाद खतीब, उमेश बहादुर सिंह, अशरफ खान सहित अन्य पदाधिकारियों ने भी सरकार की नीतियों की आलोचना की और मनरेगा को कमजोर करने की किसी भी कोशिश का विरोध करने का संकल्प लिया।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह आंदोलन केवल शहर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि गांव-गांव, ब्लॉक और बूथ स्तर तक ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ को पहुंचाया जाएगा। आम जनता को सरकार की जनविरोधी नीतियों से अवगत कराया जाएगा और गरीबों के हक की इस लड़ाई को सड़क से संसद तक मजबूती से उठाया जाएगा।
इस अवसर पर जिले भर में आंदोलन की आगामी रणनीति पर भी चर्चा की गई और संगठनात्मक स्तर पर कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की गई।






