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72825 शिक्षक भर्ती के याची अभ्यर्थियों में माननीय उच्चतम न्यायालय से जागी न्याय की उम्मीद

राष्ट्र पटल संवाद
इटावा। 72825 शिक्षक भर्ती को पहली बार टेट प्रक्रिया से मायावती सरकार द्वारा निकाला गया था परीक्षा कराई गई तभी सरकार बदल गई अखिलेश यादव मुख्यमंत्री हुए भर्ती में जांच हुई कुछ लोग गिरफ्तार हुए। विज्ञापन बदल गया भर्ती अकादमिक मेरिट पर हो गई, विरोध में अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया सुप्रीम कोर्ट ने कहा खेल के नियम शुरू में बनते हैं वही आखिरी तक रहते है और पुरानी प्रक्रिया से भर्ती शुरू हुई फिर से अभ्यर्थियों से प्रत्यावेदन लिए गए और काउंसलिंग कराई गई जिसमें सुप्रीम कोर्ट के द्वारा 90/105 मेरिट को रखा गया और ज्वाइनिंग देने के आदेश हुए जिसमें कई लोग फर्जी भी लग गए और लगभग 66665 पद भर लिए और उस समय 6170 बचे पदों के लिए सरकार ने एक लिस्ट जारी की 12091 अभ्यर्थियों की, जिसको उन्होंने कोर्ट में बताया कि हमने इनको नियुक्ति दे दी है लेकिन वो अभी तक ज्वाइन नहीं हुए फिर से सरकार बदली और योगी जी मुख्यमंत्री बने और सुप्रीम कोर्ट से भर्ती पर फाइनल जजमेंट 25.07.2017 को आया जिसमें कोर्ट ने सरकार को लिबर्टी दे दी कि वो बचे हुए पदों को अपने तरीके से भर ले लेकिन जिसका परिणाम यह हुआ कि सरकार ने भर्ती पर क्लोजिंग रिपोर्ट लगा दी और कोर्ट के पूर्व के आदेशों की अवहेलना की जिसमें 6170 पद अभी भी खाली है तो फिर से अभ्यर्थियों ने 2017 से अब तक कोर्ट में लड़ाई लड़ी और कंटेंप्ट पेटिशन एक्सेप्ट हुआ जिस पर जस्टिस संजय करोल और जस्टिस प्रासना जी की बेंच नंबर 11 ने लगातार सुनवाई कर सरकार को कटघरे में लाकर खड़ा कर दिया और पूछा कि कितने पद खाली है कितने याची है और आप इनके लिए क्या करेंगे अन्यथा सुप्रीम कोर्ट एक्शन लेगा 10,11,16,19 एवं अब 22 जनवरी डेट दी थी जिस पर सुनवाई हुई जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने याचिकार्ताओं का डाटा मांगा था जिसमें लगभग 14851 हजार लोगों का डाटा अब तक पहुंचा है अब इसमें कोर्ट ने इनको कैटेगरी में डिवाइड करके लाने को कहा है और अगली तारीख 29 जनवरी 2026 दी है।
इटावा बीएड संगठन के जिलाध्यक्ष उदय प्रताप सिंह ने बताया कि आगामी 29 जनवरी को ही माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा अपना आदेश पारित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस याचिका में मेरे साथ-साथ कई याची भी इसमें शामिल है जिनमें मोहम्मद राशिद, मोहम्मद इरफान, पुनीत यादव, अमित, ऊषा मौर्य, ओंकार, शशि प्रभा, अजीत, राजकुमारी चौहान इत्यादि हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि लगभग 14 वर्षों से चली आ रही इस विवादित प्रक्रिया का माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद अंत हो जाएगा।

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