
अकमल खान
रायबरेली (राष्ट्र पटल)। मंगलवार को लखनऊ में प्रस्तावित कांग्रेस के प्रदर्शन से पहले रायबरेली में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव सुशील पासी के आवास पर पुलिस पहुंचने और उसके बाद धरना देने की घटना ने सियासी माहौल गर्म कर दिया।
बताया जा रहा है कि लखनऊ में मनरेगा, एसआईआर समेत विभिन्न मुद्दों को लेकर कांग्रेस द्वारा आहूत प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया है। इसी दौरान महराजगंज पुलिस सुशील पासी के घर पहुंची। कांग्रेस नेता का आरोप है कि भारी संख्या में पुलिसकर्मी उनके घर में दाखिल हुए और जबरन गिरफ्तारी का प्रयास किया, जिससे परिवार की महिलाएं और बच्चे भयभीत हो गए।
सुशील पासी ने इसे लखनऊ प्रदर्शन से पहले विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश बताया। उनका कहना है कि उन्हें जनपद में आने-जाने से रोका जा रहा है और उनकी राजनीतिक गतिविधियों में बाधा डाली जा रही है। घटना के विरोध में वे समर्थकों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे और डीएम कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए।
धरने के दौरान उन्होंने मांग की कि जिला प्रशासन का कोई वरिष्ठ अधिकारी स्पष्ट करे कि आखिर किस आधार पर पुलिस उनके घर पहुंची और आवाजाही पर रोक जैसी स्थिति क्यों बनाई जा रही है। बाद में नगर मजिस्ट्रेट ने धरना स्थल पर पहुंचकर उनसे वार्ता की, जिसके बाद धरना समाप्त कर दिया गया।
धरना खत्म होने के बाद सुशील पासी अपने समर्थकों के साथ कांग्रेस कार्यालय तिलक भवन पहुंचे। लखनऊ में होने वाले प्रदर्शन को देखते हुए कांग्रेस कार्यालय पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। फिलहाल प्रशासन की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन लखनऊ प्रदर्शन से पहले पुलिस की सक्रियता और राजनीतिक हलचल ने जिले की सियासत को गरमा दिया है।






