
राष्ट्र पटल संवाद
इटावा। ऑल इंडिया उलेमा व मशाईख़ बोर्ड यूनिट इटावा के तत्वावधान में आज “महफ़िल ए ज़िक्रे शोहदा-ए-कर्बला” का आयोजन राधे-राधे गार्डन, जिन्नातों वाली मस्जिद, इटावा में श्रद्धा एवं सम्मान के साथ सम्पन्न हुआ। महफ़िल के उपरांत लंगर-ए-हुसैनी का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ हाफ़िज़ क़ैफ़ रज़ा ने पवित्र क़ुरआन की तिलावत से किया। कार्यक्रम का संचालन इंतखाब आलम अशरफ़ी रौनक इटावी ने किया। हाफ़िज़ मुहम्मद अहमद अकबरी तथा हाफ़िज़ फ़ैज़ान ने नात-ए-पाक एवं शोहदा-ए-कर्बला की याद में कलाम प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों को भाव-विभोर कर दिया।
मुख्य वक्ता के रूप में हज़रत अल्लामा मौलाना फ़ुरकान रज़ा साहब, ख़तीब व इमाम मस्जिद डॉक्टर बन्ने मियाँ, इटावा ने शोहदा-ए-कर्बला के संदेश पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कर्बला का संदेश सत्य, न्याय, धैर्य, त्याग और इंसानियत की रक्षा का संदेश है। उनके संबोधन के बाद सलाम पेश किया गया तथा फ़ातिहा-ख़्वानी की गई।
इसके उपरांत आम एवं ख़ास सभी लोगों के लिए लंगर-ए-हुसैनी प्रारंभ हुआ, जिसमें सभी धर्मों और समुदायों के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और आपसी भाईचारे एवं सौहार्द का परिचय दिया।
इस अवसर पर आल इंडिया उलेमा व मशाईख़ बोर्ड यूनिट इटावा के सभी सदस्य उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से जिलाध्यक्ष हाजी शेख़ शकील अहमद, मीडिया प्रभारी मुहम्मद अज़ीम (मुअज़्ज़म) पत्रकार मोहम्मद आमीन भाई, सैफ़ तैमूरी (पत्रकार), महफ़ूज़ भाई, नगर अध्यक्ष अनस ख़ान, फ़रहान शकील (समाजवादी अल्पसंख्यक शहर अध्यक्ष, इटावा), चीनी, अक़ील, आदिल सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
कार्यक्रम का समापन देश में अमन, शांति, आपसी भाईचारे और मानवता की भलाई की दुआ के साथ हुआ।






