राष्ट्र पटल संवाद

बकेवर (इटावा)। आर्थिक प्रगति की दौड़ में मानवजन्य समस्याओं के चक्र व्यूह में फसा जन मानस आज अभिमन्यु की तरह अकेला जूझ रहा है ।कोई देखने वाला नहीं है।आजकल नेताओं को माला पहनने और पहनाने का शौक लगा है। वे जिले में आते तो है किंतु जनता से नहीं,चापलूसों से मिलते है।और उन्हें चंद लोगों के द्वारा जिले पर ही सम्मानित कर बापस भेज दिया जाता है। यहां का भाजपा समाज दो गुटों में बटा हुआ है।जो कार्य की प्रगति में बाधा उत्पन्न करता है । ,अपनी अपनी ढपली अपना अपना राग अलाप रहा भाजपा कार्यकर्ता दिशा हीन है ।चुनाव नजदीक आ रहा है ।किसी को फ़िक्र नहीं जनमानस की बड़ा नेता अपना पेट भरने में जुटा हुआ है।और कार्यकर्ता कोल्हू में पिस रहा है।सभी अपने को ऊँचा दिखाने का प्रयास कर रहे है।इन्हें जनता की समस्याओं से कोई लेना देना नहीं।इस जिले में अपने आप को बड़ा नेता कहने बालों की होड़ तो है लेकिन काम में जीरो है।अगर यही हाल रहा तो मुझे नहीं लगता कि ये 2027के चुनाव में कुछ अच्छा कर पाएगे। पार्टी को चाहिए कि प्रत्याशी रेखांकित कर जन संपर्क में उतारना अति आवश्यक है । नहीं तो वही ढांक के तीन पात बाली कहावत सत्य होती दिख रही है।जिले के नेताओं में एक प्रॉब्लम और भी है।बो आज भी एक दूसरे को नीचा दिखाने के लिए हमेशा प्रयासरत रहते है।योगी जी के श्रेष्ठ शासन में भी आज हमारा जिला सबसे पीछे है। हम आगे तभी पहुंच सकेंगे जब सब मिलकर प्रयास करे।

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