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राष्ट्र पटल संवाद

इटावा। भक्ति, श्रद्धा और अध्यात्म के रंग में सराबोर श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के दौरान उस समय एक अत्यंत दिव्य और हृदयस्पर्शी क्षण देखने को मिला, जब भव्य पंडाल में विशिष्ट अतिथियों और संतों का अभूतपूर्व मिलन हुआ। यह पावन आयोजन इटावा के सराय ऐसर में सिद्ध पुरुष श्री खड़ेश्वरी महाराज जी के पावन सानिध्य और प्रेरणा से कराया गया है।

सिद्ध पुरुष खड़ेश्वरी महाराज की कठिन साधना

इस भव्य आयोजन के सूत्रधार सराय ऐसर के सिद्ध पुरुष श्री खड़ेश्वरी महाराज जी हैं, जिनकी कठिन तपस्या, साधना और त्याग के प्रति क्षेत्र के लोगों में अगाध श्रद्धा है। ग्रामीणों का कहना है कि महाराज जी के पावन सानिध्य के कारण ही आज सराय ऐसर की पावन भूमि पर वृंदावन का साक्षात स्वरूप उतर आया है। उनकी प्रेरणा से आयोजित इस कथा ने न केवल धार्मिक चेतना जगाई है, बल्कि पूरे क्षेत्र में आपसी भाईचारे और सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया है।

श्रीधाम वृंदावन से पधारे प्रख्यात कथावक्ता एवं आचार्यशिरोमणि श्री दुर्गेश नंदन जी महाराज के पावन सानिध्य में चल रही इस रसभरी कथा ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय कर दिया है। इसी पावन श्रृंखला के दौरान कथा के मुख्य मंच पर सम्मान और श्रद्धा का एक अनूठा दृश्य सामने आया।

वरिष्ठ पत्रकार ने व्यक्त की श्रद्धा

कथा के मुख्य वक्ता पूज्य दुर्गेश नंदन महाराज जी की गरिमामयी उपस्थिति में, इटावा जिले के वरिष्ठ पत्रकार एवं ‘डिवाइन लाइट पब्लिक इंटर कॉलेज’ के प्रबंधक श्री रामनरेश यादव जी विशिष्ट अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। उन्होंने महाराज जी के प्रति अपनी गहरी श्रद्धा व्यक्त करते हुए उन्हें पारंपरिक पगड़ी (मुकुट) पहनाकर भव्य रूप से सम्मानित किया।

महाराज जी ने दिया आशीर्वाद

इस पावन अवसर पर पंडाल में मौजूद हजारों श्रद्धालुओं की तालियों और ‘बांके बिहारी लाल की जय’ के उद्घोष से पूरा वातावरण गुंजायमान हो उठा। आचार्य दुर्गेश नंदन जी महाराज ने भी अपने पावन करकमलों द्वारा मुख्य पंडाल में उपस्थित विशिष्ट अतिथियों और गणमान्य नागरिकों का भव्य स्वागत किया और उन्हें अपना दिव्य आशीर्वाद प्रदान किया।

कथा का प्रभाव: श्रीधाम वृंदावन से आए महाराज जी की अमृतमयी वाणी से बह रही भागवत कथा की गंगा में गोता लगाने के लिए आस-पास के क्षेत्रों से भारी संख्या में श्रद्धालु उमड़ रहे हैं। क्षेत्र के प्रबुद्ध जनों का कहना है कि सराय ऐसर में सिद्ध पुरुष महाराज जी द्वारा कराए गए इस दिव्य आयोजन से समाज में सकारात्मकता, समरसता और धार्मिक चेतना का संचार हो रहा है।

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