September 12, 2026
WhatsApp Image 2026-02-01 at 9.45.56 PM

राष्ट्र पटल संवाद

फर्रुखाबाद। माघ माह के पावन समापन और माघी पूर्णिमा के विशेष अवसर पर पांचाल घाट स्थित श्री रामनगरिया मेले में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। “हर-हर गंगे” के जयघोष के बीच शाम पांच बजे तक एक लाख से अधिक भक्तों ने पतित पावनी गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर यह स्नान पर्व सुबह ढाई बजे से ही ब्रह्म मुहूर्त में शुरू हो गया था।

ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से पहुंचे ग्रामीण, भक्तिमय हुआ वातावरण

स्नान का उत्साह इस कदर था कि सुबह 10 बजे तक ही लगभग 20 हजार श्रद्धालु स्नान कर चुके थे। ग्रामीण क्षेत्रों, विशेषकर अमृतपुर और राजेपुर, से भारी संख्या में लोग पहुंचे। अनुमान के मुताबिक 300 से अधिक ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में सवार होकर ग्रामीण परिवारों ने मेले में दस्तक दी। घाट के उत्तरी और दक्षिणी, दोनों ही तटों पर तिल रखने की जगह नहीं बची थी।

धार्मिक अनुष्ठानों की रही धूम

गंगा स्नान के साथ-साथ मेले का स्वरूप पूरी तरह धार्मिक रंग में रंगा नजर आया:
मुंडन संस्कार: बड़ी संख्या में अभिभावकों ने बच्चों के मुंडन संस्कार संपन्न कराए।
कथा व दान: तट पर सत्यनारायण भगवान की कथाओं का आयोजन हुआ और श्रद्धालुओं ने यथाशक्ति दान-पुण्य किया।

वस्त्र अर्पण: भक्तों ने अपनी मन्नतें पूरी होने पर गंगा मैया को चुनरी और वस्त्र अर्पित किए।
स्वाद का तड़का: 2000 किलो से अधिक जलेबी की बिक्री
मेले का आकर्षण केवल आस्था तक सीमित नहीं रहा, बल्कि चटोरी जुबान का केंद्र भी बना। गंगा स्नान के बाद जलेबी और दही के प्रसाद का विशेष महत्व दिखा।
रिकॉर्ड बिक्री: मेला क्षेत्र में सजी 100 से अधिक दुकानों पर दिन भर भीड़ लगी रही।
अनुमान: शाम तक 2000 किलो से अधिक जलेबी की बिक्री का अनुमान लगाया गया है।कन्या पूजन: श्रद्धालुओं ने न केवल स्वयं जलेबी का आनंद लिया, बल्कि पुण्य लाभ के लिए कन्याओं को भी जलेबी का प्रसाद वितरित किया।
महत्व: हिंदू मान्यताओं के अनुसार माघ माह में गंगा स्नान का विशेष फल मिलता है। आज पूर्णिमा के साथ ही इस एक माह चलने वाले कल्पवास और आध्यात्मिक अनुष्ठानों का विधिवत समापन हो गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *