
श्रीबिहारी जी धाम परिवार के सहयोग से सजा नटखट नंदलाल का भव्य दरबार
संगीतमयी भजन संध्या में मध्यरात्रि 1 बजे तक बही भक्ति रस की अविरल धारा, हुआ विशाल भंडारा
राष्ट्र पटल संवाद
इटावा।भाद्रपद मास की पावन बेला में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में शहर के धार्मिक स्थलों और आवासीय परिसरों में अपार उत्साह और उल्लास का माहौल देखने को मिला। इसी क्रम में स्थानीय ‘श्रीबिहारी जी धाम’ परिसर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का महापर्व अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और भव्यता के साथ संपन्न हुआ।कार्यक्रम का आयोजन परिसर के सभी फ्लैट्स एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों (शॉप्स) के सम्मानित सदस्यों के संयुक्त सहयोग से शुक्रवार को किया गया।जन्माष्टमी पर्व को लेकर श्रीबिहारी जी धाम परिसर को आकर्षक विद्युत झालरों,रंग-बिरंगे फूलों और गुब्बारों से सजाया गया था।बाल गोपाल का नयनाभिराम झूला और दरबार श्रद्धालुओं के आकर्षण का मुख्य केंद्र बना रहा।
धार्मिक अनुष्ठान का विधिवत शुभारंभ रात्रि 8:00 बजे से प्रारंभ हुआ।सुप्रसिद्ध भजन गायकों ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं,माखन चोरी और मुरली मनोहर के भजनों की सुरमयी और मनमोहक प्रस्तुतियां दीं।देर रात तक चले इस संगीतमयी भजन प्रवाह में श्रद्धालु भाव- विभोर होकर झूमते और तालियां बजाते नजर आए।जैसे ही घड़ी की सुइयों ने मध्यरात्रि 12 का संकेत दिया,और जन्मोत्सव की बेला आई,पूरा परिसर “हाथी घोड़ा पालकी,जय कन्हैया लाल की” और “नंद के आनंद भयो” के गगनभेदी जयकारों से गुंजायमान हो उठा।शंखनाद,घंटा-घड़ियाल की मधुर ध्वनि,महाआरती और श्रद्धालुओं द्वारा की गई पुष्प वर्षा के बीच लड्डू गोपाल का स्वागत कर जन्मोत्सव मनाया गया।आयोजन समिति की ओर से समारोह में शामिल सभी सम्मानित सदस्यों, आगंतुकों एवं दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं के लिए व्यापक और सुदृढ़ व्यवस्थाएं की गई थीं।
समारोह स्थल पर सभी के लिए चाय,शीतल पेय और स्वल्पाहार के साथ-साथ पारंपरिक पूड़ी-सब्जी के विशाल भंडारा प्रसाद का वितरण किया गया,जिसे सैकड़ों श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया।कार्यक्रम मध्यरात्रि 1:00 बजे तक अनवरत चला और अंत में सभी के कल्याण की कामना के साथ प्रसाद वितरण कर कार्यक्रम का समापन हुआ।






