
अली अकबर की पैदाइश पर हुआ महफ़िल का आयोजन
राष्ट्र पटल संवाद
इटावा। कर्बला के शहंशाह इमाम हुसैन के बेटे हज़रत अली अकबर की पैदायश के खुशुनुमा मौके पर नोजवानाने अली अकबर की ओर से इमाम बारगाह घटिया अज़मत अली पर महफ़िल का आयोजन किया गया।
मौलाना अनवारुल हसन ज़ैदी इमामे जुमा इटावा ने तक़रीर करते हुए कहा इमाम हुसैन ने अल्लाह से 32 साल दुआ की तब अल्लाह ने उन्हें अली अकबर जैसा बेटा दिया। अली अकबर की पैदाइश मदीने में 11 शाबान 43 हिजरी को हुआ। अली अकबर शबीहे पयम्बर थे। अली अकबर की पैदाइश पर पूरे मदीने में जश्न का माहौल कायम हो गया। श्री जैदी ने कहा शब्बीर के झूले को जिब्रील झुलाते थे, शब्बीर झुलाते हैं अली अकबर का झूला। महफ़िल में सलीम रज़ा ने कहा हैरती आंखों से ताकता रहा हुस्ने यूसुफ ऐसी रानाई का है हुस्न का पैकर अकबर, देझते रहते हैं शब्बीर बड़े नाज़ों से चश्मे लैला में समाया हुआ गौहर अकबर। सफीर हैदर ने कहा मेरे लबों पर सीरते अली अकबर की बात है, दुमिया समझ रही है पयम्बर की बात है। राहिल सग़ीर ने कहा जिस वक्त मोहम्मद थे परेशान कहां थे लाये थे बुढ़ापे में ईमान कहां थे, हैदर ने उखाड़ा था अकेले दरे खैबर था जिनको अलम का बहुत अरमान कहां थे। तनवीर हसन ने कहा नहीं होगा तुम्हारा भी कोई साया अली अकबर कभी साये का साया हो नहीं सकता अली अकबर, खुदा के लाडले के लाडले हो तुम जभी, रब ने अज़ा में भी तुम्हारा नाम रखा अली अकबर। अख़्तर अब्बास रिज़वी ने कहा मदरसा कोई नहीं जैनबे मुज़तर जैसा जो बना देता है अकबर को पयम्बर जैसा, इसलिए शह ने कहा आओ आजान दो बेटा है कहां कोई मोअज्जिन अली अकबर जैसा। इसके अलावा आसिफ रिज़वी अश्शू, सलमान रिज़वी, अर्श ने भी कलाम पेश किए। महफ़िल में अल्हाज कमर अब्बास नक़वी करबलाई, राहत अक़ील, शावेज़ नक़वी, मो. अब्बास, समर अब्बास, अली साबिर, दबीरुल हसन, राहत हुसैन रिज़वी, अयाज हुसैन, ज़हूर नक़वी, सोनू नक़वी, शब्बर अक़ील, अदनान जाफरी, समर सग़ीर, फ़ातिक, मो. अहमद, आतिफ एडवोकेट, सैफू, ताबिश रिज़वी, जीशान हैदर, शादाब हसन, राजा, शहजादे, वफ़ा नक़वी, मो. जावेद सहित बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर हज़रत अली अकबर की पैदायश का जश्न मनाया।






