राष्ट्र पटल संवाद

नई दिल्ली। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री श्री इमरान खान लगभग 30 माह से जेल में हैं और 14 वर्ष की सजा काट रहे हैं। उनका स्वास्थ्य बहुत बदतर स्थिति में है। उनके स्वास्थ्य को लेकर पाकिस्तान में और पाकिस्तान के बाहर बैचेनी है। श्री इमरान खान को मैं अच्छा इंसान मानता था। बतौर क्रिकेट खिलाड़ी उन्होंने भारत-पाक महासंघ बनाने का समर्थन किया था। 1991 में जब भारत-पाक महासंघ के सम्मेलन में वे दिल्ली आए थे तब वहां भी समर्थन किया था। परंतु, प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने इस बुनियादी सवाल को भुला दिया। अगर भारत-पाक महासंघ बना होता तो ना इमरान खान जेल में होते ना उनकी पत्नी बुशरा बीबी जेल में होती। राजनीतिक नेताओं को अपने वादों को या बातों को याद रखना चाहिए। लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी विश्व के प्रबुद्ध और सभ्य समाज से अपील करती है कि वे इमरान खान को जेल से रिहा करने के लिए पाकिस्तान की सैन्य सरकार पर दबाव डालें।

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