
इमाम हुसैन से मोहब्बत करने से मिलती है निजात
इमाम बारगाह में इसाले सवाब की मजलिसों का हुआ आयोजन
राष्ट्र पटल संवाद
इटावा। स्थानीय घटिया अज़मत अली स्थित इमाम बारगाह में मरहूमा बिलकीस रिज़वी की पांचवी बरसी की मजलिस इबाद रिज़वी और मरहूमा अलीना के चालीसवें की मजलिस सगीर रज़ा की ओर से आयोजित हुई।
मजलिस में तकरीर करते हुए जनपद फर्रुखाबाद से आये मौलाना सदाकत हुसैन ने कहा सबने इस्लाम और मुस्तफा से फायदा उठाया ऐसा कोई लाओ जिससे इस्लाम और मुस्तफा ने फायदा उठाना। जो नमाज, रोजा, कर्बला से दूर रहेगा उसे मौत से डर लगेगा लेकिन हुसैन से मोहब्बत करने वाले मौत से नहीं डरते। अली के मुजरिम मौत से डरते हैं अली के चाहने वाले मौत से नहीं डरते। उन्होंने कहा कि इमाम हुसैन का दरवाजा वो है जहां किरदार, इंसानियत का पैग़ाम मिलता है। इमाम हुसैन से मोहब्बत करने से निजात मिलती है। दूसरी मजलिस में मौलाना अनवारुल हसन ज़ैदी इमामे जुमा इटावा ने तकरीर की।मजलिस में सफीर हैदर व जहूर नक़वी ने सोजख्वानी की और मौलाना अनवारुल हसन ज़ैदी, ताबिश रिज़वी, सलमान रिज़वी, आबिद रज़ा ने कलाम पेश किए।
मजलिस में अल्हाज़ सैयद कमर अब्बास नक़वी करबलाई, हाजी अरशद मरगूब, राहत अकील, शावेज़ नक़वी, अख्तर अब्बास रिज़वी, हसन अब्बास, शौजब रिज़वी, अदनान जाफरी, समर सगीर, राहिल सगीर, मो. अहमद, परवेज हसनैन, रज़ी हैदर, मो. हुसैन राहिल, सोनू नक़वी, राजा,शादाब नक़वी, अमान, नुसरत हुसैन, मो. शाहिद, राशिद हुसैन सहित बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया।






