
बामसेफ, डी एस फोर व बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक मान्यवर कांशीराम को उनके मिशनरी साथियों ने 15 मार्च 2026 को उनके जन्म दिवस के अवसर पर सारे संसार में उन्हें किए श्रद्धा सुमन अर्पित
राष्ट्र पटल संवाद
इटावा।अंबेडकर नगर। बामसेफ, डी एस फोर व बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक बसपा सुप्रीमो मान्यवर कांशीराम को 15 मार्च को उनके जन्म दिवस के अवसर पर उन्हें देश भर में श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए इस अवसर पर सांसद बसपा सुप्रीमो मान्यवर कांशीराम के इटावा लोकसभा के चुनाव प्रभारी रहे कौमी तहफ्फुज कमेटी के संयोजक एवं सियासी अखाड़ा के संपादक खादिम अब्बास ने कहा कि फिरक़ा परस्त ताकतों को मान्यवर कांशीराम के 15 व 85 के वैज्ञानिक फार्मूले से ही परास्त किया जा सकता है। खादिम ने कहा कि मान्यवर कांशीराम किंग मेकर थे इसका सबसे बड़ा उदाहरण यह है कि उन्होंने मुलायम सिंह यादव और मायावती को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनवाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई यही नहीं उन्होंने मुलायम सिंह यादव को विधायक से लेकर मुख्यमंत्री बनाया और मुलायम सिंह यादव की समाजवादी पार्टी भी बनवाई खादिम ने कहा बसपा सुप्रीमो कांशीराम जी पूर्व विधायक प्रोफेसर सहदेव सिंह यादव से पंजाब से चलकर इटावा जनपद आकर उनसे सामाजिक व राजनैतिक टिप्स लेने के लिए इटावा आते थे। यह वही प्रोफेसर सहदेव सिंह यादव हैं जिन्होंने इटावा के भरथना विधानसभा क्षेत्र से सन 1962 और सन 1967 में सोशलिस्ट पार्टी के झंडे तले इस नारे के साथ साइकिल चलाकर चुनाव जीता की 15 लूट कर रहे हैं खासी, जागो जागो रे पचासी। यह नारा मा० कांशीराम की राजनीति के लिए वरदान बन गया और प्रोफेसर सहदेव सिंह यादव ने सन 1982 में फर्रुखाबाद जनपद की कायमगंज तहसील में आयोजित 14 अप्रैल डॉ अंबेडकर जयंती पर काशीराम को देश के तमाम तथागत, संत रविदास व कबीरपंथी तमाम मनीषियों की उपस्थिति में कांशीराम जी को बहुजन नायक की उपाधि से विभूषित किया।
खादिम अब्बास ने कहा कि उस मंच पर खादिम भी उपस्थित था सन 1982 से लेकर 2002 तक जब तक काशीराम होशो हवास में रहे तब तक उनके साथ एक शाए की भांति काम किया और उनके तीन सूत्री कार्यक्रम को लेकर मंडल कमीशन की रिपोर्ट लागू करो, आरक्षण कोटा पूरा करो, इंसानी भाईचारा कायम करो यह नारे के साथ खादिम अब्बास सहित हजारों बसपा मिशनरी साथियों ने इंसानी भाईचारा बनाओ साइकिल यात्रा से हजारों किलोमीटर का भ्रमण किया उपरोक्त बसपा मिशनरी साथियों के साथ खादिम अब्बास ने लगभग 25000 किलोमीटर साइकिल यात्रा की इसमें सबसे बड़ी भूमिका इटावा निवासी देवेंद्र सिंह यादव की रही जिसने मान्यवर कांशीराम के दिशा निर्देशन में लगभग 40000 किलोमीटर साइकिल चलाकर मान्यवर कांशीराम और डॉक्टर भीमराव अंबेडकर और अन्य महापुरुषों के विचारों को जन-जन तक पहुंचाया।
खादिम अब्बास ने कहा की काशीराम जी क्राइम और करप्शन के सख्त विरोधी थे उन्होंने जीवन भर मनी, माफिया और मीडिया के साथ ब्राह्मणवादी व्यवस्था के पोशकों से संघर्ष किया और नारा दे दिया जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी। वोट हमारा राज तुम्हारा, नहीं चलेगा नहीं चलेगा। पचासी पर 15 का शासन नहीं चलेगा, नहीं चलेगा। इस नारे को सार्थक रूप देकर कांशीराम जी ने बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के मिशन को आसमान की ऊंचाइयों तक पहुंचा दिया उन्होंने अपने जीते जी ब्राह्मण ठाकुर बनिए को बहुजन समाज पार्टी के आसपास भी फटकने नहीं दिया और 15 व 85 की पारी (कबड्डी) खुलकर मैदान में खेली परन्तु मायावती ने डॉक्टर भीमराव अंबेडकर और कांशीराम के मिशन के साथ विश्वासघात करके बसपा को रसातल में पहुंचा दिया आज चार बार उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री रही मायावती का 403 विधानसभा में एक भी विधायक नहीं है और पूरे भारत में उसका एक भी सांसद नहीं है। मुख्य धारा में आने के लिए मायावती को स्वयं अपना मूल्यांकन करना चाहिए ताकि उसकी उजड़ी बगिया में फिर से बहार आ जाए।
खादिम अब्बास ने कहा कि देशभर के अखबार कांशीराम के बारे में उल्टा सीधा लिखते थे उन्होंने इसकी कभी भी परवाह नहीं की और न ही झूठे समाचारों का खंडन व मंडन किया। अखबारों ने झूठ लिखा माइकल काशीराम, काशीराम कहता है तिलक तराजू और तलवार इनको मारो जूते चार, मेरी सभा में कोई ब्राह्मण ठाकुर बनिया बैठा है तो सभा से उठकर चला जाय, ब्राह्मण ठाकुर लाला इनका कर दो मुंह काला ऐसा झूठ एक षड्यंत्र के तहत मान्यवर कांशीराम के विरुद्ध अखबारों ने छापा इस तरह के अशोभनीय शब्द कांशीराम ने अपने जीवन में कभी भी किसी के लिए नहीं कहे, कांशी राम जी कहते थे कि मनुवादी मीडिया ने हमारे बारे में ऐसा झूठ लिखकर हमें हीरो बना दिया। वह मंचों से कहते थे कि मनुवादी रूपी मीडिया झूठ लिखकर (तोता मिर्च खा गया) मनुवादी मीडिया ने हमारे कारवां को रोकने के लिए पहले हमें ब्लैक आउट किया हमारी कोई खबर नहीं छापी और जब हमारा कारवां बढ़ा तब हमारे मिशन को रोकने के लिए ब्लैकमेल करने का सहारा लिया और हमारे और बसपा मिशन के लिए इन झूठे मनगढंत समाचार लिखे गए जो बसपा मिशन के लिए वरदान साबित हुए और बहुजन समाज का हर वर्ग और जाति बसपा से जुड़ गया। खादिम अब्बास ने कहा 14 अप्रैल 1984 को मान्यवर कांशीराम ने बसपा का गठन कांस्टीट्यूशनल क्लब दिल्ली में किया और उसकी रैली बूट क्लब मैदान में की और बहुजन समाज को आश्वास किया कि काशीराम जीवन भर अविवाहित रहेगा, उसकी कोई भी चल अचल संपत्ति नहीं होगी, उसके परिवार का कोई भी व्यक्ति बसपा का पदाधिकारी नहीं होगा और कभी कांशीराम का किसी भी बैंक में कोई खाता नहीं होगा आज से हमारा परिवार बहुजन समाज होगा इस संकल्पना को उन्होंने जीवन के आखिरी सांस तक निभाया उनके निधन के बाद उनकी जो निजी अटैची थी उसमें चार जोड़ों के अलावा तीन पुस्तक उनकी कुल जमा पूंजी थी उसमें एक पुस्तक तथागत तथा दूसरी पुस्तक डॉक्टर भीमराव अंबेडकर तथा तीसरी पुस्तक काल मार्क्स और बहुजन महापुरुषों के जीवन दर्शन पर थी यह पुस्तकें भी अंग्रेजी भाषा में थी लोगों को जानकारी होना चाहिए कि मान्यवर कांशीराम उर्दू और फारसी भाषा के ज्ञाता थे उनकी हिंदी टूटी-फूटी थी हिंदी वह पढ़ तो लेते थे लेकिन उनका लेखन हिंदी में कमजोर था काशीराम अपने भाषण का अंत इन शब्दों के साथ करते थे कि मैं अपनी वाणी को विराम देता हूं आपसे रजा चाहता हूं जय भीम जय भारत खुदा हाफिज आज वो संत फकीर हमारे बीच में नहीं है लेकिन उनके क्रांतिकारी संघर्ष विचार दर्शन हमारे बीच में हैं जिस पर चलकर हम आप सब बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर और मान्यवर कांशीराम के मिशन को मंजिले मकसूद तक पहुंचा सकते है यह उनके लिए सच्चे श्रद्धा सुमन होंगे।
इंसानी भाईचारा बनाओ समिति के राष्ट्रीय संरक्षक एवं बहुजन नेशनल पार्टी(अम्बेडकर) के राष्ट्रीय महासचिव एवं उत्तर प्रदेश प्रभारी डॉ एस अकमल ने कहा कि कांशीराम जी कहते थे कि पहले चरण में हम हारेंगे दूसरे चरण में अपने प्रतिद्वंदी को हराएंगे और तीसरे चरण में हम जीतेंगे और अपने समाज की ताकत बनाएंगे इस प्रयास में कांशीराम जी अपने जीवन में शत प्रतिशत सफल रहे डॉक्टर अकमल ने इटावा जनपद के बसपा मिशनरी साथियों को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने पहली बार बसपा सुप्रीमो काशीराम को इटावा लोकसभा से सांसद बनवाकर एक नया इतिहास रच दिया उन्होंने कहा कि हमारा मान्यवर कांशीराम के एक-दो दिन का साथ नहीं हमने भी अपनी जवानी के 20 साल समर्पित कर दिए उन्होंने कहा कि हमने अकबरपुर अंबेडकरनगर से मायावती को दो बार सांसद बनवाकर संसद में भेजने का काम किया हम मायावती के इतिहास से भली भांति परिचित हैं डॉ अकमल ने एक प्रसंग सुनाते हुए कहा कि हम साहब कांशीराम के साथ थे मिर्जापुर के मल्लाहों के एक गांव में उन्होंने कहा था कि मैं आप लोगों को लायक नहीं नालायक बोलने आया हूं लेकिन बीजेपी वाले कहते हैं कि आप लोग लायक हैं क्योंकि आप लोगों ने भगवान राम की नईया पार लगाई लेकिन मैं आपसे पूछता हूं कि आपने भगवान राम की नईया पार लगा दी लेकिन आपकी नईया पार कैसे होगी आपके बच्चों की उत्तम शिक्षा, पालन पोषण, रोजगार, मान सम्मान,रोटी,कपड़ा,मकान कैसे मिलेगा वहां के नौजवानों के पास इस सवाल का कोई जवाब नहीं था सब निरुत्तर हो गए और वह सारे लोग बहुजन नायक मान्यवर कांशीराम के कारवां में शामिल हो गए।
डॉ अकमल ने कहा कि हमने मान्यवर कांशीराम के दिशा निर्देशन में हजारों किलोमीटर इंसानी भाईचारा बनाओ रैली में साइकिल चलाई हम हमारे बसपा मिशनरी साथी नारा लगाते थे कि बाबा तेरा मिशन अधूरा, काशीराम करेंगे पूरा, बाबा साहब का दूसरा नाम काशीराम काशीराम, काशीराम तेरी नेक कमाई तूने सोती कौम जगाई अभी तो ली अंगड़ाई है आगे और लड़ाई है बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की प्रतिमाएं नालों और खोलों में भी लगती थी तब ब्राह्मणवादी व्यवस्था के पोषक झगड़ा और फसाद करते थे ईंट पत्थर चलाते थे मुकदमे लिखे जाते थे मान्यवर कांशीराम के मिशन और संघर्ष की बदौलत आज डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की प्रतिमाएं संगमरमर तथा चीनी की टाइलों पर लगाई जाती हैं आज प्लास्टिक पेंटो की दीवारों पर डॉक्टर अंबेडकर सहित महापुरुषों की तस्वीर टांगी जा रही हैं हमें शर्म आनी चाहिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निजीकरण करके आरक्षण समाप्त कर दिया जिसके लिए बाबा साहब भीमराव अंबेडकर निरंतर चालीस वर्षों तक संघर्ष किया लेकिन निजीकरण का विरोध करने के लिए न तो सड़कों पर मायावती उतरी और न ही कांग्रेस पार्टी के राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने सड़कों पर आकर कोई निजीकरण का विरोध व प्रदर्शन नहीं किया। पिछड़े, दलित, मुस्लिम समाज व सर्वहारा वर्ग के लोगों को ऐसे घिनौने चेहरों की पहचान करनी पड़ेगी। तब डॉक्टर बाबा साहब अंबेडकर और मान्यवर कांशीराम का मानवीय मिशन आगे बढ़ेगा।
अति पिछड़ा महासंघ के राष्ट्रीय संयोजक रमेश प्रजापति ने कहा कि मान्यवर कांशीराम के दिशा निर्देशन में हमने भी मंडल कमीशन आरक्षण कोटा पूरा करो इंसानी भाईचारा बनाओ के मिशन को पूरा करने के लिए हजारों किलोमीटर साइकिल यात्राएं की हैं। मान्यवर कांशीराम को किसी भी जाति वर्ग धर्म की चार दिवारी में कैद नहीं किया जा सकता वह महा मानव थे।
इंसानी भाई चारा प्रेम सद्भाव समिति के अध्यक्ष मोहम्मद अमीन भाई ने कहा कि मान्यवर कांशीराम का जन्म पंजाब में जरूर हुआ था लेकिन उनकी कर्मभूमि इटावा जनपद रही यहां के लोगों ने उन्हें लोकसभा पहुंचा कर सांसद काशीराम बना दिया उनके लिए हमेशा इटावा जनपद के बसपा मिशनरी साथी हमेशा याद किए जाएंगे।






