वाशिंगटन/तेहरान। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे नाजुक युद्धविराम के बीच गुरुवार को फिर टकराव की खबर आई है। अमेरिकी सेना ने ईरानी पक्ष पर होर्मुज जलडमरूमध्य के पास हमले करने का आरोप लगाया है, जबकि ईरान ने भी यही दावा किया है। दोनों देशों के बीच 7 अप्रैल को लागू युद्धविराम के बाद हमले का यह पहला आरोप लगाया जा रहा है। हालांकि, इसमें किसी पक्ष को ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है।
अमेरिकी केंद्रीय कमान (सेंटकॉम) ने आधिकारिक बयान में कहा कि 7 मई को जब अमेरिकी नौसेना के गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर होर्मुज से गुजरते हुए ओमान की खाड़ी की ओर बढ़ रहे थे, तब ईरानी सेना ने कई मिसाइलें, ड्रोन और छोटी नावें लॉन्च कीं थी। घटना के समय यूएसएस ट्रक्सटन (डीडीजी 103), यूएसएस राफेल पेराल्टा (डीडीजी 115) और यूएसएस मेसन (डीडीजी 87) समुद्री मार्ग से गुजर रहे थे। हालांकि, कोई नुकसान नहीं हुआ। सेना ने हमलों को रोका और जवाब दिया।
अमेरिकी सेना ने आगे बताया कि उसने हमला करने के लिए ज़िम्मेदार ईरानी सैन्य ठिकानों को मिसाइल, ड्रोन लॉन्च साइटें, कमांड और कंट्रोल केंद्र, खुफिया, निगरानी और टोही नोड से निशाना बनाया। सेंटकॉम ने कहा कि वह तनाव बढ़ाना नहीं चाहता, लेकिन अमेरिकी सेना की सुरक्षा के लिए वह पूरी तरह से तैनात और तैयार है। ईरान के सशस्त्र बलों ने दावा किया कि अमेरिकी हमलों में होर्मुज में प्रवेश कर रहे 2 जहाजों को भी निशाना बनाया गया।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पत्रकारों से बात करते हुए इस हमले को हल्की-फुल्की कहासुनी बताया और कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरानी हमलावरों को नष्ट कर दिया है। उन्होंने तेहरान को आगे किसी भी प्रकार की उकसावे वाली कार्रवाई के खिलाफ चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा, हम उन्हें और भी बुरी तरह और बहुत ही हिंसक तरीके से सबक सिखाएंगे। युद्धविराम अभी भी लागू है। ईरान हमारे साथ खिलवाड़ कर रहा है।
ईरानी सरकारी मीडिया ने बताया कि तनाव बढ़ने के बाद तेहरान में हवाई रक्षा प्रणालियों को सक्रिय किया है, जिससे क्षेत्र में व्यापक सैन्य संकट की आशंकाएं बढ़ी है। हालांकि, गोलीबारी के बाद भी वाशिंगटन-तेहरान ने संकेत दिया कि वे व्यापक संघर्ष नहीं चाहते।

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