
शाहिद कपूर, कृति सेनन और रश्मिका मंदाना की आगामी फिल्म ‘कॉकटेल 2’ रिलीज से पहले चर्चाओं में बनी हुई है। यह फिल्म साल 2012 में आई सैफ अली खान, दीपिका पादुकोण और डायना पेंटी की इसी नाम की फिल्म का सीक्वल है। हालांकि, इस बार कहानी एक दम अलग और नई बताई जा रही है। इस बीच फिल्म के को-राइटर तरुण जैन ने बॉलीवुड में फ्रेंचाइज फिल्मों के बढ़ते चलन और पुरानी आलोचनाओं पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बताया कि आखिर क्यों मेकर्स सीक्वल और फ्रेंचाइज फिल्मों को बढ़ावा दे रहे हैं। वैरायटी इंडिया के साथ बातचीत के दौरान तरुण जैन ने कहा कि यह चलन केवल सेफ खेलने के चलते नहीं है। उन्होंने कहा कि एक सेट और सफल आईपी के साथ मेकर्स को फ्री मार्केटिंग मिलती है। एक ऐसा ब्रांड जिसे दर्शक पहचानते हैं और उस फिल्म से जुड़ते हैं, जिसे उन्होंने पहले पसंद किया था। यही कारण है कि आप बहुत सारी फ्रेंचाइज फिल्में देखते हैं, जो जरूरी नहीं कि सच्ची सीक्वल हों। इसलिए भले ही ऐसा लग रहा हो कि फिल्ममेकर्स एक सेफ ऑप्शन की ओर भाग रहे हैं या उनके पास नए आइडियाज की कमी हो रही है, लेकिन इसकी असलियत कुछ और है। 2012 में आई कॉकटेल की कहानी इम्तियाज अली ने लिखी थी, जबकि इस बार सेकंड पार्ट की कहानी तरुण जैन और लव रंजन ने मिलकर लिखी है। ऐसे में इम्तियाज की जगह लेना और उन्हें रिप्लेस करने के सवाल पर तरुण ने कहा कि अगर मुझसे पूछा जाए कि क्या मैं डरा हुआ था? तो मैं कहूंगा नहीं। मेरे पसंदीदा फिल्ममेकर्स में से एक ने इसकी असली कहानी लिखी थी। इस बात ने मुझे काम पर ध्यान केंद्रित करने और खुद को संतुष्ट होने में मदद की। चुनौती ऐसे किरदारों और उनके संघर्षों को ढूंढना था, जो रिलिवेंट रहते हुए ओरिजिनल फिल्म के इमोशन को भी बनाए रखें।
यह एक ऐसी चुनौती है, जिसका सामना कोई भी स्वाभाविक रूप से तब करता है जब वह इस तरह की फ्रेंचाइजी का हिस्सा होता है। लेकिन यह काफी मजेदार और रोमांचक था।








