
लोकमाता की जयन्ती पर आयोजन
“जिसे इन्दौर कहते हो, वहीं तो धाम हैं उनका।
युगों से पूजते हैं सब, अमर यों काम हैं उनका।
समूचे विश्व के हिन्दू, ऋणी हैं जानते है सब।
लिखा हर एक मन्दिर पर, अहिल्या नाम है उनका”।
इटावा (राष्ट्र पटल संवाद)। राजमाता अहिल्याबाई होल्कर की जयंती एवं विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर भारत विकास परिषद इटावा तुलसी द्वारा “एक संगोष्ठी का आयोजन पक्का तालाब स्थित सांई मन्दिर परिसर में” भारतवर्ष की प्रसिद्ध शासिका महिला सशक्तिकरण की प्रतिमूर्ति एवं अनन्य शिव भक्त रही भारत माँ की पुत्री अहिल्याबाई होल्कर के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर किया गया। गोष्ठी में मुख्य अतिथि सन्तोष कुमार पटेल ने लोकमाता अहिल्याबाई के द्वारा तीन सदी पूर्व जनहित में समाजसेवा हेतु किए गए कार्यों की प्रशंसा करते हुए उपस्थिति लोगों को उनके दिखाए गए मार्ग पर चलने को प्रेरित किया।
इस गोष्ठी में विशिष्ट अतिथि प्रांतीय महिला गतिविधि संयोजक रीना राठौर ने विचार रखते हुए कहा कि उन्होंने धर्म एवं संस्कृति की रक्षा के साथ ही महिला सशक्तिकरण की भी अनूठी मिसाल प्रस्तुत की हैं।
साथ ही तुलसी सदस्य नीलिमा चौधरी ने लोकमाता के जीवन से जुड़े विभिन्न बिन्दुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि *उनकी निष्पक्ष न्यायप्रियता से आज शासन से जुड़े लोगों को सीख लेनी चाहिए उनके राज्य में जनता ही सर्वोपरि रही*। गोष्ठी में अन्य लोगों ने भी उपस्थित जनों को राजमाता के प्रेरणादाई कार्यों से अवगत कराया।
तुलसी शाखा अध्यक्ष “डॉ कैलाश चन्द्र यादव ने मद्यपान निषेध दिवस के अवसर पर” अपने संबोधन में कहा कि बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रति वर्ष सिर्फ नशे के कारण ही लाखों लोग असमय काल के गाल में समा जाते हैं। *हमें स्वयं नशे से दूर होकर दूसरों को भी इससे दूरी बनाने के लिए प्रेरित करना होगा*। उन्होंने सभी उपस्थित लोगों को सभी प्रकार के व्यसनों से स्वयं दूर रहने एवं अन्य लोगों को इसे त्यागने हेतु प्रेरित करने की शपथ भी दिलाई। आज आयोजित हुई इस सफल गोष्ठी का संचालन सचिव डॉ ध्रुव कुमार गुप्ता ने किया।
गोष्ठी के उपरान्त सभी सदस्यों के सहयोग से राहगीरों में शीतल शरबत का वितरण किया गया।
इस आयोजन को सफल बनाने में वरिष्ठ सदस्य प्रीतम खन्ना, शमीम बेगम, शशि दीक्षित, आशा अग्निहोत्री, अनीता वर्मा, नीलम तिवारी, अशोक अग्निहोत्री एवं पंकज कुमार सिंह चौहान सहित अन्य तुलसी सदस्यों व मन्दिर से जुड़े लोगों का सराहनीय सहयोग रहा। इस आयोजन के समय मन्दिर में उपस्थित लगभग आधा सैकड़ा से अधिक लोगों को जागरूक किया गया।






