अभिभावकों को बड़ा संदेश- दो वर्ष तीन वर्ष के बच्चों को मोबाइल पकड़ाना अनुचित।
मुख्यमंत्री ने छात्र-छात्राओं को सोशल मीडिया के कम उपयोग की दी सीख।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने छात्राओं के अच्छे परिणाम पर उनको सराहा।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले दिनों लखनऊ में मेधावी छात्र छात्राओं को सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए सुझाव भी दिये। ये सुझाव सभी बच्चों के लिए हैं। अभिभावकों की जिम्मेदारी भी योगी ने बतायी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए सीखने की प्रवृत्ति हमेशा जीवित रहनी चाहिए। इसमें अभिभावकों को भी अपना समय बच्चों के लिए निकालना पड़ेगा। समारोह में प्रदेश की मेरिट सूची में स्थान बनाने वाले 223 छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। वहीं सभी 75 जिलों में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से 1459 जिला स्तरीय मेधावियों को भी सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से छात्राओं के प्रदर्शन की सराहना करते हुए बताया कि सम्मानित 223 विद्यार्थियों में 138 छात्राएं और 85 छात्र शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यह आंकड़ा दर्शाता है कि बेटियां लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं। उन्होंने कहा, “बेटी पढ़ेगी तो आगे बढ़ेगी और देश व समाज को भी आगे बढ़ाएगी।” मुख्यमंत्री ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि शायद अब घरों में लड़के भी घरेलू कार्यों में अधिक सहयोग कर रहे हैं, इसलिए छात्राएं पढ़ाई में आगे निकल रही हैं।
सीएम योगी ने कहा कि यह सम्मान विद्यार्थियों के जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, जो उन्हें भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेगा। उन्होंने कहा कि मेहनत का परिणाम हमेशा सुखद होता है और यह कार्यक्रम उसी सत्य का प्रमाण है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मेधावी छात्रों को कड़ी मेहनत, लक्ष्य केंद्रित होकर आगे बढ़ने और तकनीक का सकारात्मक उपयोग करने की सलाह देते हैं। वह छात्रों के साथ-साथ उनके माता-पिता को भी प्रेरित करते हैं कि बच्चों को छोटी उम्र में स्मार्टफोन की लत से बचाएं और रचनात्मक विकास पर ध्यान दें। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा परिश्रम ही सफलता की कुंजी है।उनका मानना है कि प्रतिभा को तराशने और जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए कठोर परिश्रम सबसे महत्वपूर्ण है। वह छात्रों को भारत के भविष्य का निर्माता मानते हैं और उन्हें पूरी निष्पक्षता और लगन के साथ शिक्षा ग्रहण करने को प्रेरित करते हैं। बेटियों की भागीदारी पर जोर देते हैं। परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली बालिकाओं (बेटियों) की विशेष सराहना करते हैं और उन्हें प्रोत्साहित करते हैं कि वे समाज को आगे बढ़ाने में अपनी अग्रणी भूमिका निभाएं। माता-पिता के लिए भी सीख देते हैं। उनका स्पष्ट संदेश है कि माता-पिता को अपने 2-3 साल के बच्चों को रोने पर चुप कराने के लिए स्मार्टफोन या वीडियो गेम नहीं देने चाहिए। आजकल यह आमतौर पर देखा जा सकता है। योगी कहते हैं इसके बजाय, बच्चों को रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना चाहिए ताकि उनका वास्तविक बौद्धिक और मानसिक विकास हो सके।
उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश सरकार मेधावी छात्र-छात्राओं का उत्साहवर्धन करने के लिए उन्हें नकद पुरस्कार (जैसे रु.1 लाख तक), टैबलेट और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित करती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेधावी छात्र-छात्राओं से अपने अभिभावकों पर स्मार्टफोन के लिए अनावश्यक दबाव न डालने की अपील भी की है। उन्होंने कहा कि स्मार्टफोन का प्रयोग सही दिशा में कीजिए। डिजिटल लाइब्रेरी से जुड़िए, अपने पाठ्यक्रम से जुड़िए। समाचार पत्रों को नियमित पढ़ें। टीवी पर न्यूज देखिए, अन्य व्यर्थ कार्यक्रम न देखें। मुख्य मंत्री योगी ने विद्यार्थियों को इंटरनेट मीडिया के आकर्षण से सावधान रहने और समाचार पत्र पढ़कर व्यावहारिक ज्ञान बढ़ाने की सलाह दी। कहा कि आज के समय में इंटरनेट मीडिया पर उपलब्ध अधिकांश सामग्री सही नहीं होती। इसलिए विद्यार्थियों को अपना बहुमूल्य समय वहां अधिक नहीं गंवाना चाहिए।
इस प्रकार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ स्थित लोकभवन सभागार में आयोजित मेधावी विद्यार्थी सम्मान समारोह में प्रदेश के होनहार छात्र-छात्राओं को सम्मानित करते हुए सफलता का मूल मंत्र भी दिया। उन्होंने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए किसी शॉर्टकट की आवश्यकता नहीं होती, बल्कि ईमानदार मेहनत, अनुशासन और सही दिशा में लगातार प्रयास ही सफलता की असली नींव हैं। मुख्यमंत्री ने विभिन्न शिक्षा बोर्डों की परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों और शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि केवल छात्रों की नहीं, बल्कि उनके परिवार, शिक्षकों और राज्य सरकार द्वारा स्थापित पारदर्शी एवं नकलमुक्त परीक्षा व्यवस्था की भी सफलता है। मुख्यमंत्री ने अभिभावकों को भी महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा कि छोटे बच्चों को चुप कराने के लिए स्मार्टफोन देना एक गंभीर गलती है। आज दो-तीन वर्ष की उम्र में ही बच्चे मोबाइल और वीडियो गेम्स के संपर्क में आ जाते हैं, जिसका नकारात्मक प्रभाव उनके मानसिक और सामाजिक विकास पर पड़ता है। उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि बच्चों को रचनात्मक गतिविधियों, खेलकूद और अध्ययन से जोड़ें ताकि उनका समग्र विकास हो सके।
सीएम योगी ने कहा कि लगभग एक दशक पहले प्रदेश की परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठते थे और मेरिट सूची की विश्वसनीयता भी संदेह के घेरे में रहती थी लेकिन पिछले नौ वर्षों में सरकार ने नकलमुक्त परीक्षाओं को सुनिश्चित कर शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। उन्होंने बताया कि आज माध्यमिक शिक्षा परिषद के लगभग 56 लाख विद्यार्थी समय पर परीक्षा देते हैं और रिकॉर्ड समय में परिणाम भी प्राप्त कर लेते हैं। इसके अलावा विद्यालयों के आधुनिकीकरण, डिजिटल लाइब्रेरी, अटल टिंकरिंग लैब और आधारभूत सुविधाओं के विकास पर भी बड़े पैमाने पर निवेश किया गया है।छात्रों को सलाह देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सोशल मीडिया पर सीमित समय ही व्यतीत करना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी प्रतियोगी परीक्षा या इंटरव्यू में आपके फॉलोअर्स की संख्या नहीं, बल्कि आपका ज्ञान, व्यक्तित्व और व्यवहारिक समझ मायने रखती है।
उन्होंने विद्यार्थियों को समाचार पत्र पढ़ने, समसामयिक घटनाओं से जुड़े रहने और डिजिटल संसाधनों का सकारात्मक उपयोग करने की सलाह दी। अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि सफलता मिलने के बाद व्यक्ति को अपने माता-पिता, शिक्षकों, समाज और देश के प्रति कृतज्ञता का भाव बनाए रखना चाहिए। उन्होंने छात्रों से आत्मविश्वासी बनने का आह्वान किया, लेकिन साथ ही अति आत्मविश्वास से बचने की भी सलाह दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए सीखने की प्रवृत्ति हमेशा जीवित रहनी चाहिए। जहां भी अच्छा ज्ञान मिले, उसे ग्रहण करने के लिए तैयार रहना चाहिए। यही सोच विद्यार्थियों को भविष्य में बड़ी सफलताओं तक पहुंचाएगी।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विकास और विरासत को प्राथमिकता देते हैं। गत 2 जून को कुशीनगर जिले को 424 करोड़ रुपये से अधिक की 278 विकास परियोजनाओं की सौगात दी। लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने विकास, सुरक्षा और सांस्कृतिक विरासत को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। (अशोक त्रिपाठी-हिफी फीचर)






