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आय से अधिक संपत्ति मामले में उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की जाए

राष्ट्र पटल संवाद 

इटावा। उत्तर प्रदेश में लगातार भ्रष्टाचार के मामले बढ़ते जा रहे हैं और कहीं ना कहीं भाजपा सरकार के विधायकों और मंत्रियों की संलिप्तता ज़ाहिर होने लगी है।इसी के मद्देनज़र जिला कांग्रेस कार्यालय पर ज़िला अध्यक्ष आशुतोष दीक्षित की अध्यक्षता में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया।

प्रेस वार्ता में पत्रकारों को संबोधित करते हुए ज़िला अध्यक्ष ने कहा कि विगत 2017 से लेकर 2026 तक

जिस तरह से उत्तर प्रदेश में अपराधों की संख्या बड़ी है।पेपर लीक के मामले उजागर हुए हैं बेटी बचाओ,बेटी पढ़ाओ के नाम पर लगातार धांधली हुई है।यह किसी से छुपी नहीं है।

एक तरफ मिशन शक्ति का नारा दिया जाता है दूसरी तरफ उन छोटी-छोटी बच्चियों से उनके स्कूल भी छीन लिए जाते हैं। अलग-अलग विभागों में लाखों पद रिक्त पड़े हैं वेतन के रूप में बंटने वाला वह पैसा कहां जा रहा है? बेरोज़गारों को नौकरी नहीं; नौकरी नहीं तो सैलरी नहीं वह पैसा कहां जाता है?छात्र-छात्राओं से पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं के नाम पर लाखों रुपए की वसूली की जाती है वह पैसा कहां जाता है? गाय माता के नाम पर राजनीति करने वाली उ०प्र० सरकार की नाक के नीचे चलने वाले देश के बड़े बूचड़खानों में शामिल इन स्लास्टर हाउसों में बड़े स्तर पर बीफ एक्सपोर्ट किया जाता है। हजारों लाखों गायों यहां अवैध रूप से काटी जाती हैं उसका पैसा कहां जाता है?निसंदेह यह पैसा सरकार उसके मंत्री और विधायकों के बीच बांटा जाता है। सबसे गंभीर बात यह है कि भ्रष्टाचार के चलते अपराधी पैसों के दम पर जमानत पा जाता है। ज़िला अध्यक्ष ने खुलकर भाजपा के विरुद्ध आवाज़ उठाते हुए कहा के गुज़रे दिनों में सिद्धार्थनगर में पानी की टंकी बनाई जाती है जिसकी लागत 10 करोड़ रुपए आती है किंतु कुछ ही दिनों में वह भर-भरा गिर पड़ती है। अभी तक 10 करोड़ रुपए के ऊपर कोई जांच नहीं बैठी। कानून व्यवस्था में जीरो टॉलरेंस की दुहाई देने वाली भाजपा सरकार वर्तमान समय में आपराधिक मामलों में नंबर वन पर आ गई है। इसी क्रम में प्रेस बंधुओ से बातचीत में शहर अध्यक्ष मोहम्मद राशिद ने कहा कि योगी सरकार में जिस तरह से बुलडोज़र को रिश्वत उगाई का एक ज़रिया बनाया गया वह अपने आप में एकमात्र उदाहरण है। अकबरपुर,वाराणसी की दाल मंडी,चंदौली, देवरिया,संभल, कानपुर और राजधानी लखनऊ सहित यूपी के 75 जिलों में अवैध अतिक्रमण के नाम पर जिस तरह से बुलडोज़र चलाए गए हैं। उसने आम ग़रीब जनता की कमर तोड़ कर रख दी है कभी अवैध बिजली कनेक्शन के नाम पर कभी स्मार्ट मीटर के नाम पर दिन-रात होने वाली वसूली का पैसा आख़िर कहां जा रहा है?उसके बाद जनता से हर बात के लिए टैक्स वसूला जाता है। सवाल वहीं पर आ जाता है कि प्रशासन की मजाल नहीं है कि बिना शासन की अनुमति के वह यह सारे कार्य कर सकें क्योंकि इन सारे कार्यों में मंत्री और विधायक पूरी तरह से शामिल रहते हैं और इस भ्रष्टाचार और रिश्वत की रकम उन सभी तक पहुंचती है इसीलिए आज हिंदू मुस्लिम के नाम पर जिस तरह से देश को बांटकर लोगों में आपसी नफ़रत पैदा करके भाजपा अपना उल्लू सीधा कर रही वह चिंता जनक है क्योंकि इन आधारभूत समस्याओं से हमारे हिंदू भाई भी अछूते नहीं है। ऐसे तमाम भ्रष्टाचारियों विरुद्ध पार्टी मांग करती है की उत्तर प्रदेश सरकार में बैठे हुए सभी मंत्रियों और विधायकों की संपत्तियों की जांच कर कर ऐसी संपत्ति से अधिक धन के ब्योरों की पूरी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। अन्यथा शीघ्र ही कांग्रेस पार्टी अपने नेता राहुल गांधी के दिशा निर्देश एवं उ० प्र०अध्यक्ष अजय राय के नेतृत्व में इसके विरुद्ध कांग्रेस पार्टी बड़े स्तर पर साक्ष्यों के साथ आंदोलन करेगी। क्योंकि आज देश-प्रदेश का आम जनमानस हर तरह से परेशान होकर त्राहिमाम कर रहा है।

प्रेस वार्ता में प्रमुख रूप से पीसीसी सदस्य कोमल सिंह कुशवाहा, पीसीसी सदस्य अरुण यादव, प्रदीप द्विवेदी अमन तिवारी एवं पंकज कुमार आदि सम्मिलित रहे।

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