
जिस प्रशिक्षण के बाद भी रोजगार न मिले वह औचित्य हीन होगा
राष्ट्र पटल संवाद
इटावा। जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित सभागार में कौशल विकास हेतु संचालित विभिन्न कौशल प्रशिक्षण योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में एसएसडीएफ, प्रवीण योजना सहित अन्य योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान एसएसडीएफ योजना निजी क्षेत्र की समीक्षा में बताया गया कि प्रशिक्षण का लक्ष्य 513 था, जिसके सापेक्ष 496 प्रशिक्षार्थियों को प्रशिक्षण दिया गया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जिन प्रशिक्षार्थियों का प्रशिक्षण हो चुका है, उन्हें शीघ्र रोजगार से जोड़ा जाए।
उन्होंने प्रशिक्षण प्रदाताओं की कार्यप्रणाली पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि लाट श्री बालकराम संस्थान द्वारा 108 युवाओं को प्रशिक्षण देने के बावजूद किसी को रोजगार नहीं मिला, वहीं श्री दत्त सेवा संस्थान द्वारा 81 प्रशिक्षार्थियों को प्रशिक्षण दिया गया लेकिन रोजगार शून्य रहा। उन्होंने कहा कि ऐसा प्रशिक्षण, जिससे युवाओं को रोजगार न मिले, उसका कोई औचित्य नहीं है। प्रशिक्षण का उद्देश्य युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना होना चाहिए।
एसएसडीएफ योजना वर्ष 2025-26 एवं 2026-27 की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशिक्षण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि जब तक युवाओं को तकनीकी एवं व्यवहारिक कौशल से नहीं जोड़ा जाएगा, तब तक प्रशिक्षण का वास्तविक लाभ नहीं मिल पाएगा।
उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में युवा बेरोजगार घूम रहे हैं, इसलिए उनके मानसिक स्तर एवं रुचि का आकलन कर उन्हें उपयोगी कौशल प्रदान किया जाए। कौशल प्रशिक्षण ऐसा हो जिससे युवाओं में आत्मविश्वास बढ़े और वे रोजगार के योग्य बन सकें।
प्रवीण योजना वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने जीजीआईसी एवं जीआईसी के प्रधानाचार्यों से कहा कि विद्यालय स्तर पर पढ़ाई के साथ-साथ स्किल आधारित प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में डेटा एवं एक्सेल का विशेष महत्व है, इसलिए विद्यार्थियों को एक्सेल एवं डिजिटल स्किल का प्रशिक्षण अवश्य दिया जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि प्रशिक्षक गुणवत्तापूर्ण हों और छात्र वास्तव में कुछ सीख रहे हों।जिलाधिकारी ने कहा कि आने वाली पीढ़ी को कौशलयुक्त बनाना हम सभी की जिम्मेदारी है। जब विद्यार्थी विद्यालय से बाहर निकलें तो वे स्किल्ड हों, न कि अनस्किल्ड। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों एवं संस्थानों को कौशल विकास योजनाओं को गंभीरता एवं गुणवत्ता के साथ संचालित करने के निर्देश दिए।
उक्त बैठक में जिला सेवायोजन अधिकारी विकास मिश्रा, जिला कल्याण अधिकारी संध्या रानी बघेल, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी प्रदीप कुमार तिवारी,जीजीआईसी और जीआईसी के प्रधानाचार्य सहित समस्त संबंधित अधिकारीगण उपस्थिति रहे।






