नोरा फतेही इन दिनों अपने स्पेशल सॉन्ग्स की वजह से सुर्खियों मे रहती हैं लेकिन नोरा फतेही के लिए बॉलीवुड में आना इतना आसान नहीं था। उन्होंने शुरुआत में काफी संघर्ष किया। शुरूआती दौर में नोरा बिग बॉस में भी नजर आ चुकी हैं। रियलिटी शो में आने के दौरान से ही नोरा सुर्खियों में आ गईं, जहां से उनका बॉलीवुड करियर शुरू हो गया। नोरा ने रोर: टाइगर्स ऑफ द सुंदरबन से बॉलीवुड में डेब्यू किया था। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर तो खास कमाल नहीं कर पाई, लेकिन नोरा फतेही सबकी नजरों में आ गईं। इसके बाद उनका सफर कभी रुका नहीं और लोगों की पसंदीदा बन गईं। बंगाली और बॉलीवुड एक्टर सुब्रत दत्ता भी फिल्म में अहम किरदार में नजर आए थे। हाल ही में एक्टर सुब्रत दत्ता ने नोरा फतेही की पहली फिल्म से जुड़ी कई मजेदार बातें शेयर की हैं।
सुब्रत ने रोर: टाइगर्स ऑफ द सुंदरबन की शूटिंग के पुराने किस्सों को याद किया और कहा कि फिल्म में मेरा एक सीन था, जब मैं नोरा को लात मारकर पेड़ से नीचे गिराता हूं, उस वक्त में नोरा को लात नहीं मारना चाहता था। लेकिन नोरा ने मुझसे लात मारने को कहा। नोरा नीचे गिर गईं और उनके काफी चोटें आईं। इसके बाबजूद नोरा शूटिंग करती रहीं। नोरा में काम करने का जज्बा हमेशा से दिखा है और जिसका नतीजा है कि वह आज बॉलीवुड की बहुत बड़ी एक्ट्रेस हैं।
एक्टर ने आगे कहा कि नोरा के साथ काम करने का मेरा एक्सपीरियंस काफी अच्छा रहा। नोरा उस वक्त इंडस्ट्री में नई थीं और हिंदी सीख रही थीं। उस वक्त शूट के दौरान हम सभी डांस करते थे। जहां बंगाल में शूटिंग चल रही थी, वहां हम 28 दिन साथ में रहे। फिल्म के प्रोड्यूसर अब हमारे बीच नहीं हैं। एक बार नोरा ने मुझे प्रकाश झा साहब से भी मिलवाया था। नोरा उस वक्त बिग बॉस से बाहर आई थीं और उन्होंने मुझसे कहा था कि मैं मुंबई में कुछ करके ही वापस जाऊंगी।
अगर फिल्म की कहानी की बात करें तो यह साल 2014 में रिलीज हुई थ्रिलर फिल्म है। जो की सुंदरबन के जंगलों में सफेद बाघिन और इंसानों के बीच हुए संघर्ष पर आधारित है। इस फिल्म में बाघिन अपने बच्चे की मौत का बदला लेती है. कहानी एक जर्नलिस्ट से शुरू होती है जो की एक सफेद बाघिन के बच्चे को शिकार से बचाता है। जिसे बचाने के चक्कर में उसकी मौत हो जाती है. बाद में उसका भाई और कमांडो दोस्त की टीम सुंदरबन के जंगलों में आते हैं, जहां से फिल्म का एडवेंचर पार्ट शुरू होता है। (हिफी)








