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फूल बंगला सजाकर ठाकुर जी को लगाया गया छप्पन भोग,भजन कीर्तन में झूमे श्रद्धालु

राष्ट्र पटल संवाद

इटावा। शहर के छैराहा स्थित वृंदावन धाम श्री राधाबल्लभ मंदिर पर बुधवार को पुरुषोत्तम मास की पद्मिनी एकादशी श्रद्धाभाव के साथ परंपरागत ढंग से बनाई गई। इस मौके पर ठाकुर जी का फूल बंगला सजाकर विशेष श्रृंगार किया गया और छप्पन भोग भी लगाया गया। मंदिर में भजन कीर्तन की भी घूम रही वहीं फूलों की भीनी भीनी खुशबू से मंदिर और आसपास का क्षेत्र महकता रहा।

व्रजधाम में गर्मी के दिनों में फूल बंगले का विशेष महत्व होता है।अप्रैल के महीने में कामदा एकादशी से लेकर जुलाई के महीने में हरियाली तीज तक बांके बिहारी मंदिर सहित अन्य मंदिरों में खूब फूल बंगले सजाए जाते हैं। यहां के श्री राधाबल्लभ मंदिर में ब्रज धाम की सभी परंपराओं का निर्वहन किया जाता है।पद्मिनी एकादशी सिर्फ पुरुषोत्तम मास जिसे अधिक मास भी कहा जाता है इसी में पड़ती है। इस विशेष एकादशी पर श्री राधावल्लभ लाल जी महाराज के चरण सेवक गोपाल प्रकाश चंद्र गोस्वामी सुबह पूजा अर्चना के बाद ठाकुर जी का विशेष श्रंगार किया और और शीतलता देने वाले विभिन्न प्रकार के फूलों से ठाकुर जी के गर्भ ग्रह में फूल बंगला सजाया गया और भगवान को छप्पन भोग भी लगाया गया।महिला मंडल के द्वारा भजन कीर्तन का कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें श्रद्धालु खूब

झूमे।फूल बंगला और छप्पन भोग के दर्शन के लिए काफी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे थे सभी को प्रसाद वितरण किया गया ।

ठाकुर जी के चरण सेवक गोपाल प्रकाश चंद्र गोस्वामी ने फूल बंगले का महत्व बताते हुए कहा कि फूल बंगला न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति से प्रेम का भी संदेश देता है। गर्मी में फूलों की शीतलता और उनका सौंदर्य जब ठाकुर जी की सेवा में लग जाता है, तो वह दृश्य भक्तों के मन को भी शीतलता प्रदान करता है।उन्होंने कहा कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पद्मिनी एकादशी के व्रत का फल हजारों एकादशियों के व्रत के समान पुण्यदायी होता है। 3 साल में जब पुरुषोत्तम मास पड़ता है तभी यह पद्मिनी एकादशी भी पड़ती है।

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