
समय बदला, लेकिन पुराने गानों के लिए क्रेज नहीं बदला, लेकिन पुराने गानों के लिए क्रेज नहीं, हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में एक ऐसा समय रहा है जब फिल्मों और गानों ने लोगों के दिलों पर गहरी छाप छोड़ी। उस दौर में गानों के बोल बहुत सिंपल और खूबसूरत होते थे और म्यूजिक भी बहुत प्यारा होता था। रेडियो और रिकॉर्ड प्लेयर के जरिए ये गाने हर घर तक पहुंचते थे और लोग इन्हें बार बार सुनते और गुनगुनाते थे। उस समय के कलाकारों और संगीतकारों ने अपनी मेहनत और लगन से ऐसे गाने बनाए, जो आज भी याद किए जाते हैं। यही वजह है कि उस दौर को आज भी सुनहरे युग के रूप में जाना जाता है। उन गानों को आज भी शौक से सुना जाता है। हम जिस गाने की बात कर रहे हैं वो 56 साल पहले आया था, जिसको लता मंगेशकर और किशोर कुमार ने अपनी आवाज दी थी। इसकी धुन लक्ष्मीकांत प्यारेलाल ने बनाई थी और बोल मजरूह सुल्तानपुरी ने लिखे थे। ये गाना उस दौर के रोमांटिक डुएट्स में सबसे खास माना जाता है। इस गाने की पॉपुलैरिटी आज भी पुराने संगीत प्रेमियों के बीच बनी हुई है। इस गाने के बोल हैं श्सा रे गा मा पा, गा रे मेरे संग मेरे साजनाश्। ये गाना 1970 में आई फिल्म अभिनेत्री का सबसे फेमस और प्यारा रोमांटिक गाना है, जिसको आज भी लोग खूब सुनना पंसद करते हैं।
इस खूबसूरत गाने को शशि कपूर और हेमा मालिनी पर फिल्माया गया था। दोनों की ऑनस्क्रीन केमिस्ट्री दर्शकों को बहुत पसंद आई। गाने में दोनों के बीच गाने को सुरों को लेकर हल्की नोकझोंक और प्यार भरे पलों दिखाए गए है। सा रे गा मा पा जैसे सुरों का इस्तेमाल इसे और खास बनाता है। इसकी धुन बहुत कैची है और सुनते ही मन में बस जाती है। लोग इसे आसानी से गुनगुनाने लगते हैं। ये गाना आज भी उतना ही प्यारा लगता है जितना पहले था। इसकी सादगी और संगीत इसे यादगार बनाते हैं। ये गाना फिल्म के रोमांटिक माहौल को और भी मजबूत करता है।






