इससे पहले कभी नहीं देखी इतनी बड़ी विषखांपर : वीके गौतम

राष्ट्र पटल संवाद

इटावा। सिंचाई विभाग के गेस्ट हाउस में बने बरामदे में साढ़े तीन फीट लम्बी, लगभग 8 किलो वजनी खतरनाक विषखांपर निकलने से हड़कंप मच गया। विषखांपर देखकर सिंचाई विभाग के कर्मचारी देवेश पाठक ने वन्यजीव विशेषज्ञ सर्पमित्र डॉ आशीष त्रिपाठी को सूचना दी जिसके बाद मौके पर पहुंचकर खतरनाक विषखांपर का सुरक्षित रेस्क्यू किया गया तब जाकर कर्मचारियों ने राहत की सांस ली । रेस्क्यू के बाद विषखांपर को सामाजिक वानिकी विभाग, इटावा के दिशा निर्देशन में लायन सफारी के निकट स्थित फिशर वन में सुरक्षित ले जाकर छोड़ दिया गया।

सिंचाई विभाग के अधिकारी वीके गौतम एसडीओ इटावा प्रखंड निचली गंगा नहर ने जानकारी देते हुए बताया कि, हम सभी ने इतनी बड़े साइज की विषखांपर पहले कभी नहीं देखी थी जिसे देखकर सभी कर्मचारी बेहद खौफ में आ गए थे उन्होंने विषखांपर के सुरक्षित रेस्क्यू करने के साथ सभी को भयमुक्त करने के लिए डॉ सर्पमित्र आशीष का विशेष आभार प्रकट किया।

मौके पर मौजूद वन्यजीव विशेषज्ञ सर्पमित्र डॉ आशीष त्रिपाठी ने बताया कि यह एक विषहीन प्रजाति का संरक्षित प्राणी है जिसमें कोई विष ग्रंथि नहीं होती है लेकिन इसके द्वारा कभी काट लेने या चाट लेने के बाद इलाज में हुई लापरवाही से त्वचा में गैंग्रीन का गंभीर इन्फेक्शन अवश्य हो फैल जाता है। फिलहाल विषखांपर

को वन विभाग इटावा के निर्देशन में सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ा जा रहा है क्यों कि,यह वन्यजीव अधिनियम 1972 के तहत एक संरक्षित प्राणी है और इसे मारने या कोई भी नुकसान पहुंचाने पर जेल और जुर्माने का कड़ा प्रावधान भी किया गया है।

उन्होंने बताया कि,संस्था ओशन के सर्पदंश एवं वन्यजीव संरक्षण जागरूकता अभियान का एक बड़ा असर जनपद इटावा में लगातार दिख रहा है कि लोगों ने वन्यजीवों को बिल्कुल मारना ही छोड़ दिया है।

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