राष्ट्र पटल संवाद
इकदिल (इटावा)l श्री एकाक्षरानन्द आश्रम बिरारी में चल रही श्रीमद भागवत कथा में पूज्य महाराज श्री गोविन्द देव जी महाराज ने कथा में सर्व प्रथम भगवान के अन्य विवाहों की कथा को सुनाते हुए सोलह हजार एक सौ आठ विवाहों की कथाओं को सुनाया और सुदामा चरित्र की कथा में भगवान ने बताया कि कैसे कैसे भक्त के लिए अपना सर्वस्व त्याग के देते हैं भगवान ने मित्र सुदामा के लिए द्वारिका जैसी नगरी का निर्माण कराया सुदामा पूरी का निर्माण कराया परंतु सुदामा जी ने भगवान के भजन को स्वीकार किया पूज्य श्री ने बताया भक्त हो तो सुदाम के जैसे बस भगवान की भक्ति के लिए ही हो ओर कथा के विश्राम के समय परीक्षित जी के मोक्ष की कथा को सुनाया परीक्षित के पुत्र जनमेजय ने अनेक उपाय किये परीक्षित के मृत्यु को टालने के लिए पर संत बचन पत्थर के लीक मृत्यु को नहीं टाल पाए भागवत जी की कथा सुन ने के कारण परीक्षित जी को मोक्ष प्राप्त हुआ अंत में पूज्य श्री ने भागवत जी की महिमा का वर्णन किया l इस मौके पर परीक्षित श्रीमती शिवकुमारी दीक्षित, मंत्री मेहर चन्द्र चौधरी, कोषाध्यक्ष सर्वेश मिश्रा, प्रबंधक शरद शुक्ला, अवधेश किशोर तिवारी, देवेश शुक्ला आदि बड़ी संख्या में भक्तजन उपस्थित थे l






